हरिद्वार, 12 अगस्त।
लक्सर कोतवाली पुलिस ने स्थानीय निवासी अंकित चौहान की गुमशुदगी के बहुचर्चित मामले का खुलासा करते हुए एक अंधे कत्ल यानी ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को पूरी तरह से सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक व्यापारिक वर्चस्व और पुरानी रंजिश के चलते चार आरोपियों ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था और साक्ष्य छिपाने के मकसद से शव को मोटरसाइकिल से बांधकर गंगा नदी के जल में डुबो दिया था। पुलिस ने एसडीआरएफ के गोताखोरों के सहयोग से मृतक के शव और उसकी बाइक को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार गत 2 और 3 अगस्त की मध्य रात्रि के समय अंकित चौहान अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर की तरफ लौट रहा था। रास्ते में अचानक ही वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आने लगा। परिजनों की शिकायत पर कोतवाली लक्सर में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के सख्त निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर गहन जांच का कार्य शुरू किया गया।
गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा मोबाइल टاور की कॉल डिटेल सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके साथ ही मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों और संपूर्ण घटनाक्रम की अंदरूनी जानकारी जुटाई गई।
जांच के इस दौर में पुलिस को पुख्ता संकेत मिले कि अंकित की अपने ही गांव के रहने वाले सचिन, मेहकार, कुलवंत और अंकित चौहान उर्फ फौजी के साथ पुरानी दुश्मनी चल रही थी। पुलिस ने इन चारों संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के बयानों के मुताबिक आरोपियों ने यह खुलासा किया कि अंकित ट्रैक्टर-ट्रॉली से होने वाले अवैध खनन की मुखबिरी करके पुलिस को सूचना दे देता था जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी पुरानी रंजिश की वजह से उन्होंने अंकित को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा था। 2 अगस्त की रात जब अंकित घर लौट रहा था तभी सुनसान रास्ते पर उसकी मोटरसाइकिल रोककर उसकी हत्या कर दी गई। इसके पश्चात शव को शिवपुरी गांव के पास स्थित खुसरो की ठोकर के समीप मोटरसाइकिल से रस्सी से बांधकर गंगा नदी में फेंक दिया गया था।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम और कुशल गोताखोरों को तुरंत मौके पर तलब किया। काफी कड़ी मशक्कत के बाद गंगा नदी के अंदर समाई मोटरसाइकिल और अंकित का शव बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस ने बरामद हुए पुख्ता साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मुकदमे में धारा 103, 238 और 61(2) बीएनएस की गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अंकित चौहान उर्फ फौजी पूर्व समय में भी थाना खानपुर से हत्या के एक अन्य मामले में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए उनका चालान कर दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सचिन पुत्र पवन, मेहकार पुत्र पवन, कुलवंत पुत्र कल्लू तथा अंकित चौहान उर्फ फौजी पुत्र सुरेश पाल, सभी निवासी शिवपुरी रायसी, हरिद्वार के रूप में शिनाख्त की गई है।















