जिलों में शीर्ष पदों पर लंबे समय तक पदस्थ रहे साहब ने हमेशा अपने एक खास साथी को राजदार बनाए रखा। कई बड़े कामों की जानकारी उसी के पास रही। अब कुछ गलतफहमियों के बाद वही भरोसेमंद राजदार साहब से दूर हो गया है।
परेशानी यह नहीं कि साथी दूर चला गया, चिंता यह है कि कहीं राजदार ने राज संभालकर नहीं रखा हो। साहब को आशंका है कि अगर पुरानी बातें बाहर आईं तो सफाई देना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अब पुरानी दोस्ती से ज्यादा चिंता पुराने राज की हो गई है।















