भोपाल, 12 अगस्त।
मध्यप्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था को आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत तेजी से काम किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत अधोसंरचना मजबूत करने, स्मार्ट मीटरिंग बढ़ाने, लाइन लॉस कम करने और दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आरडीएसएस का उद्देश्य केवल विद्युत नेटवर्क का विस्तार करना नहीं, बल्कि वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाना है। योजना के तहत वर्ष 2027-28 तक लाइन लॉस को 12 से 15 प्रतिशत के राष्ट्रीय स्तर तक लाने, लागत-राजस्व अंतर समाप्त करने और डिस्कॉम की संस्थागत क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने पर भी जोर है।
मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने योजना के विभिन्न घटकों पर काम करते हुए उल्लेखनीय प्रगति की है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार स्मार्ट मीटरिंग विद्युत वितरण व्यवस्था में डिजिटल बदलाव का प्रमुख माध्यम बन रही है और कंपनी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है।
27 जुलाई 2026 तक कंपनी क्षेत्र में 18,65,823 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसमें पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पहले से स्थापित मीटर भी शामिल हैं। वहीं करीब 41,705 नए मीटरिंग पॉइंट पर मीटर बिलिंग शुरू हो चुकी है।
स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को वास्तविक बिजली खपत के आधार पर अधिक सटीक बिलिंग की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही बिजली वितरण कंपनी को खपत के पैटर्न, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों और नेटवर्क की स्थिति का बेहतर विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आरडीएसएस के माध्यम से स्मार्ट मीटरिंग, आधुनिक अधोसंरचना और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्युतीकरण को गति मिलने से प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था में व्यापक बदलाव आएगा।















