मीरजापुर, 12 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के अंतर्गत बुधवार के रोज गोद में छोटे-छोटे बच्चों को थामे हुए मेड़िया गांव की आक्रोशित महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया तथा स्थानीय प्रशासन से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की पुरजोर मांग उठाई। सीखड़ विकासखंड के अधीन आने वाले मेड़िया गांव की इन पीड़ित महिलाओं का कहना है कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात बेहद बदतर हो चुके हैं। गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट तक पानी जमा हो जाने की वजह से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। ग्रामीणों का यह भी दर्द है कि इस जलभराव से सबसे बड़ी परेशानी बीमार मरीजों और बुजुर्ग लोगों को उठानी पड़ रही है। यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है तो उसे चिकित्सीय अस्पताल पहुंचाना भी किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं रह गया है।
पढ़ने स्कूल भी नहीं जा पा रहे बच्चे
इस भीषण जलभराव और कीचड़ भरे रास्तों के कारण छोटे बच्चों की शिक्षा और उनका स्कूल जाना बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही ग्रामीणों का दैनिक कामकाज भी अस्त-व्यस्त हो गया है। चारों तरफ फैली गंदगी के बीच दूषित पानी के जमा होने से भयानक संक्रामक बीमारियों का खतरा भी तेजी से पांव पसार रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल साफ-सफाई और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया कि जमा पानी को बाहर निकालने के लिए एक मोनोब्लॉक पंप लगाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन दूसरे मोहल्ले की कुछ महिलाओं के भारी विरोध के कारण पानी निकालने का वह कार्य पूरा नहीं हो सका।
राजमार्ग पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
उग्र प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए तुरंत सड़क का तल ऊंचा उठाने तथा गांव में पक्की नाली एवं स्थायी जल निकासी का प्रबंध करने की मांग की है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो चुनार-अदलपुरा राजमार्ग संख्या 74 के पास विशाल स्तर पर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रेमलता सिंह, नीलम पटेल, रीता पटेल, नेहा पटेल, सुधा, आलोक सिंह, रामशिला, सुशीला, शिवलाल प्रजापति समेत तमाम अन्य ग्रामीण लोग उपस्थित रहकर जिला प्रशासन से गांव में तत्काल जल निकासी तथा स्वच्छता की मुकम्मल व्यवस्था बहाल करने की गुहार लगाते नजर आए।















