भोपाल, 13 अगस्त।
मध्य प्रदेश के पश्चिमी अंचल में जमकर बरसने के बाद मानसून का मजबूत सिस्टम अब पूर्वी इलाकों की ओर रुख कर रहा है जिसके चलते शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में लगातार तीन दिनों तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले आज शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जहाँ अगले चौबीस घंटों के भीतर चार इंच या उससे अधिक पानी गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार आज भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं मूसलाधार तो कहीं हल्की बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।
बीते चौबीस घंटों के दौरान खरगोन में राज्य भर में सर्वाधिक आठ दशमलव एक इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जबकि खंडवा में साढ़े पांच इंच और गुना में चार दशमलव छह इंच पानी बरसा। राजधानी भोपाल में सत्तर दशमलव छह मिलीमीटर यानी करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई और इसके अलावा धार, राजगढ़, शिवपुरी, दतिया, उज्जैन, सीधी तथा इंदौर समेत आधे से अधिक प्रदेश में झमाझम दौर देखने को मिला।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ सक्रिय बनी हुई है साथ ही दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इन तमाम मौसमी तंत्रों के असर से पिछले अड़तालीस घंटों से झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है जो आज भी बना रहेगा और आने वाले दिनों में एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने से पूर्वी मध्य प्रदेश में इसका प्रभाव अधिक नजर आएगा जिसके कारण कल से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में भारी वर्षा का नया दौर शुरू हो सकता है।
राज्य के पूर्वी अंचल के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में अब तक उन्नीस प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है जिसमें बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं जहाँ औसत से पांच से बावन प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।
दूसरी तरफ पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से चार से छियालीस प्रतिशत तक कम वर्षा आंकी गई है और पूरे प्रदेश के केवल बारह जिलों में ही अब तक सामान्य से अधिक पानी बरसा है जिनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन ही शुमार हैं।















