साल्जबर्ग, 13 अगस्त।
यूरोपीय फुटबॉल जगत के सबसे बड़े मुकाबलों में शुमार प्रतिष्ठित यूईएफए सुपर कप के खिताबी संघर्ष में पीएसजी यानी पेरिस सेंट-जर्मेन ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित करते हुए एस्टन विला को दो-एक से शिकस्त दे दी है और इस तरह चैंपियंस लीग विजेता इस फ्रांसीसी क्लब ने लगातार दूसरी मर्तबा इस चमकदार ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस रोमांचक भिड़ंत में विजेता टीम की ओर से ख्विचा क्वारात्सखेलिया और देसिरे डुए ने बेहतरीन गोल दागे, और विपक्षी खेमे से सत्रह वर्षीय युवा खिलाड़ी ब्रायन मैडजो ने गोल करके कड़ी टक्कर दी।
ज्ञात हो कि इस विजयी क्लब ने ठीक एक साल पहले टोटेनहम हॉटस्पर को हराकर पहली बार यह सुपर कप अपने नाम किया था और इस बार भी अंग्रेजी प्रीमियर लीग की एक अन्य मजबूत टीम को धूल चटाकर यूरोप की सिरमौर टीम होने का गौरव बरकरार रखा है। दोनों ही फुटबॉल दलों ने अपने नए घरेलू सत्र के आगाज से पहले मैदान पर अपनी सबसे मजबूत शुरुआती ग्यारह खिलाड़ियों की फौज उतारी थी जिसमें पीएसजी की तरफ से पिछले चैंपियंस लीग फाइनल में उतरने वाले नौ धुरंधर शामिल थे।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों पक्षों में कड़ा संघर्ष देखा गया और खेल के बीसवें मिनट में क्वारात्सखेलिया ने बाएं छोर से ताबड़तोड़ हमला करते हुए एक ऐसा खूबसूरत शॉट मारा कि एस्टन विला के गोलकीपर मार्को बिजोट उसे बचाने में पूरी तरह नाकाम रहे, जिसके फलस्वरूप पीएसजी ने एक-शून्य की बढ़त बना ली। हालांकि, हार न मानने का जज्बा दिखाते हुए एस्टन विला के सत्रह वर्षीय उभरते हुए सितारे मैडजो ने पहले हाफ के ठीक अंतिम क्षणों में कप्तान जॉन मैकगिन के बेहतरीन पास को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर को एक-एक की बराबरी पर ला दिया।
खेल के दूसरेार्द्ध में गत विजेता पीएसजी ने मैदान पर उतरते ही बेहद आक्रामक तेवर अपनाए और इकसठवें मिनट में फ्रांस के ही प्रतिभावान देसिरे डुए ने दाएं कोने से आगे बढ़ते हुए शानदार अंदाज में गोल दागकर टीम को फिर से आगे कर दिया। हालांकि मैदानी अंपायर ने पहले इसे ऑफसाइड करार दिया था, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी की तकनीकी समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि एस्टन विला के डिफेंडर मैटी कैश ने डुए को पूरी तरह ऑनसाइड रखा था, जिसके चलते गोल को वैध घोषित कर दिया गया।
इसके बाद मैच के अंतिम चरणों में एस्टन विला ने स्कोर पाटने के लिए ताबड़तोड़ मैच में कई हमले किए और जॉर्ज हेमिंग्स तथा जॉन मैकगिन के पाँवों में बेहतरीन मौके भी आए, लेकिन पीएसजी के चौकस गोलकीपर माटवे सफोनोव ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए तमाम खतरों को टाल दिया और अपनी बढ़त को अंत तक सुरक्षित रखा। खेल के अंतिम पलों में भारी दबाव को सफलतापूर्वक झेलते हुए पीएसजी ने दो-एक की यह ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली और अब उनकी निगाहें आगामी सत्र में लगातार तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी हासिल करने पर टिकी हुई हैं।















