जबलपुर, 13 अगस्त।
मानव तस्करी पर रोक लगाने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने और न्यूनतम मजदूरी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में हुई कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों के साथ आईजेएम, प्रदीन संस्था और श्रम विभाग के प्रतिनिधियों ने मानव तस्करी और श्रमिक शोषण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।
कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक महिला प्रकोष्ठ आशीष जैन, आईजेएम की टीम, प्रदीन संस्था के प्रतिनिधि, श्रम निरीक्षक बलराम सिंह और जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
उप पुलिस अधीक्षक आशीष जैन ने मानव तस्करी के अलग-अलग स्वरूपों, इससे होने वाले सामाजिक दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है और इसे प्रभावी तरीके से रोकने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर सतर्कता के साथ काम करना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी तरह की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से संभावित पीड़ितों को सुरक्षित करने के लिए जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
आईजेएम की टीम ने मानव तस्करी की पहचान, संदिग्ध परिस्थितियों में जरूरी सावधानियों और पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधियों ने कहा कि तस्करी और श्रमिकों के शोषण को रोकने में जागरूकता की अहम भूमिका है। संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान होने पर संभावित पीड़ितों को शोषण से बचाया जा सकता है।
श्रम निरीक्षक बलराम सिंह ने श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, बाल श्रम निषेध और श्रमिकों के कानूनी अधिकारों से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान करना कानून का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को मानव तस्करी और श्रमिक शोषण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने तथा संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में मानव तस्करी और श्रमिक शोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को देने का संकल्प लिया गया।















