जौनपुर, 13 अगस्त।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में गुरुवार को पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों और मीडिया के नए स्वरूप को लेकर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल दौर में पत्रकारिता के लिए तकनीकी समझ के साथ प्रभावी लेखन, संवाद कौशल और कैमरे के सामने बेहतर प्रस्तुति की आवश्यकता के बारे में बताया गया। वक्ता ने कहा कि मीडिया का दायरा तेजी से बदल रहा है और आज गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सामग्री तैयार करने वाले दक्ष युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि एक समय पत्रकारिता का प्रमुख माध्यम अखबार और टेलीविजन हुआ करते थे, लेकिन डिजिटल मीडिया के विस्तार ने इसके काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। मीडिया संस्थानों को अब ऐसे बहु-कौशल वाले पेशेवरों की जरूरत है, जो लेखन के साथ वीडियो निर्माण, कैमरे के सामने प्रस्तुति और डिजिटल सामग्री तैयार करने में भी सक्षम हों। विद्यार्थियों से कहा गया कि बदलते मीडिया क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मक क्षमता भी विकसित करनी होगी।
विद्यार्थियों को लेखन कौशल की बारीकियां समझाते हुए कहा गया कि बोलने की तुलना में प्रभावी ढंग से लिखना अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य है। पत्रकारिता में बेहतर लेखन के लिए लगातार अभ्यास करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने तैयार किए गए लेखन को बार-बार पढ़ने, उसकी कमियों को पहचानने और आवश्यक सुधार करने की सलाह दी गई। नियमित अभ्यास और स्वयं के काम में सुधार की प्रक्रिया से लेखन तथा प्रस्तुति दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।
जनसंचार विभाग के ऑडियो-विजुअल स्टूडियो में विद्यार्थियों को साक्षात्कार और कैमरे के सामने प्रस्तुति का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इस दौरान सवाल पूछने के सही तरीके, शारीरिक हाव-भाव, आत्मविश्वास और कैमरे के सामने सहज रहने से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी गई। विभाग के शिक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने टेलीविजन साक्षात्कार की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाते हुए प्रभावी प्रश्न पूछने और साक्षात्कार को सहज संवाद का रूप देने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि बेहतर सामग्री तैयार करने और प्रभावशाली प्रस्तुति देने की क्षमता रखने वाले युवाओं के लिए डिजिटल मीडिया में व्यापक संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने अतिथि का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया और संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने संभाला। इस अवसर पर डॉ. चन्दन सिंह, डॉ. अमित मिश्र, आनंद सिंह, पंकज सिंह सहित विभाग के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।















