इटानगर, 13 अगस्त।
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा से लगे टक्सिंग क्षेत्र में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की कथित घुसपैठ की खबरों के बीच ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (आपसू) का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के लिए अपर सुबनसिरी जिले के सुदूर सीमावर्ती गांव टक्सिंग के लिए रवाना हुआ।
आपसू के महासचिव माटो बुई के नेतृत्व में दल इटानगर स्थित आपसू कार्यालय से रवाना हुआ। संगठन के अध्यक्ष मेजे टाकू ने प्रतिनिधिमंडल को हरी झंडी दिखाई। यह यात्रा ‘टक्सिंग चलो, भारत बचाओ’ अभियान के तहत की जा रही है।
आपसू के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल टक्सिंग के आसपास के इलाकों में चीनी सेना की कथित गतिविधियों और घुसपैठ से संबंधित स्थानीय निवासियों के दावों तथा सामने आई रिपोर्टों की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास करेगा।
दल को रवाना करते हुए मेजे टाकू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग देश की क्षेत्रीय अखंडता के लिए किसी भी संभावित खतरे का विरोध करेंगे।
टाकू ने कहा कि सीमा पर किसी भी तरह का खतरा सामने आने पर लोग चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अरुणाचल की जमीन का एक इंच भी चीन की सेना को सौंपे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की मांग की। उनका कहना था कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक देश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि सीमा पर रहने वाले नागरिक लगातार चुनौतियों के बीच देश की सुरक्षा के लिए डटे हुए हैं। आपसू की इस यात्रा के माध्यम से अरुणाचल के युवाओं की ओर से सीमावर्ती समुदायों और सशस्त्र बलों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया जा रहा है।
आपसू ने समुदाय आधारित संगठनों, अपनी संघीय इकाइयों, छात्र संगठनों और आम नागरिकों, विशेषकर अपर सुबनसिरी जिले के लोगों से यात्रा में सहयोग करने और कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
संगठन ने कहा कि दूरदराज के सीमावर्ती गांवों के लोगों की ओर से सामने लाई गई चिंताओं पर केंद्र और अरुणाचल प्रदेश सरकार को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। आपसू ने जोर दिया कि इन क्षेत्रों के नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल गांव के मुखिया, युवा समूहों और सामुदायिक संगठनों के सदस्यों से बातचीत करेगा। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं और क्षेत्र की स्थिति को समझना है। आपसू के अनुसार, दल जमीनी हालात से जुड़ी एक रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे केंद्र और राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
इस रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे में सुधार और दूरदराज के गांवों में तेजी से विकास कार्य कराने से जुड़ी मांगें शामिल की जाएंगी।
आपसू का प्रतिनिधिमंडल 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस तक टक्सिंग पहुंचने की योजना के साथ रवाना हुआ है। वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। संगठन के अनुसार, यह आयोजन भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के प्रति अरुणाचल प्रदेश की प्रतिबद्धता को दोहराने का माध्यम होगा।















