भोपाल, 13 अगस्त।
राजधानी में स्मार्ट मीटर और लगातार निगरानी के बाद भी बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीसीजेड) के सतर्कता दल ने करोंद इलाके में लगातार दो दिनों तक कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी और मीटर से छेड़छाड़ के दो मामले पकड़े। दोनों मामलों में करीब 8.74 लाख रुपये की बिलिंग और जुर्माना लगाया गया है। जांच के दौरान एक जगह मीटर को बायपास करके सीधे बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था, वहीं दूसरी जगह मुख्य कनेक्शन से दुकानों और किरायेदारों को सबमीटर के माध्यम से बिजली दी जा रही थी।
मीटर बायपास कर 16 किलोवाट से अधिक लोड का इस्तेमाल करने का पहला मामला मुरली नगर, करोंद में सामने आया। शफीक कुरैशी के बिजली कनेक्शन की जांच के दौरान स्वीकृत और वास्तविक भार में बड़ा अंतर मिला। कनेक्शन पर केवल 3 किलोवाट भार स्वीकृत था, लेकिन मौके पर 16.226 किलोवाट बिजली का उपयोग होता पाया गया। जांच में पता चला कि थ्री-फेज चेंजओवर-कम-सेलेक्टर स्विच के माध्यम से ऊर्जा मीटर को बायपास करके सीधे विद्युत पैनल से आपूर्ति ली जा रही थी। कंपनी ने इस मामले में 2 लाख 92 हजार 868 रुपये की बिलिंग की है।
दूसरी कार्रवाई शांति अपार्टमेंट, करोंद स्थित अब्दुल लतीफ के परिसर में की गई। यहां बिजली कनेक्शन का स्वीकृत भार 5 किलोवाट था, लेकिन जांच के दौरान 25.44 किलोवाट का लोड इस्तेमाल होता मिला। निरीक्षण में मीटर और केबल में भी अनियमितताएं पाई गईं। मुख्य मीटर से आगे सबमीटर लगाए गए थे और इनके जरिये दो दुकानों तथा 21 किरायेदारों को बिजली की आपूर्ति की जा रही थी।
इस मामले में कंपनी ने 5 लाख 81 हजार 374 रुपये की बिलिंग की है। विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज करने के साथ ही मौके पर बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई।
छह महीने में 9 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कंपनी की बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई केवल करोंद क्षेत्र तक सीमित नहीं है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद मीटर खुलने, न्यूट्रल बायपास होने या किसी अन्य प्रकार की छेड़छाड़ होने पर कंट्रोल रूम में तत्काल सूचना पहुंचती है। इसके बाद भी बिजली चोरी के नए तरीके सामने आ रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले छह महीनों में करीब 9 हजार बिजली चोरी और मीटर टैंपरिंग के मामले दर्ज किए गए हैं।
जून में खेजड़ा और भानपुर क्षेत्र के दो मकानों में अधिक लोड के मामले सामने आए थे। इनमें करीब 13.40 लाख रुपये की कार्रवाई की गई थी। मई में इनायतपुर में 4 किलोवाट के स्वीकृत कनेक्शन पर 50 किलोवाट से ज्यादा लोड मिला था। इस मामले में 31.36 लाख रुपये की बिलिंग की गई थी। जुलाई में करोंद में ट्रांसफार्मर से सीधे कनेक्शन लेने का मामला भी पकड़ा गया था।
कंपनी अधिकारियों के अनुसार बिजली चोरी रोकने के लिए सतर्कता जांच के साथ स्मार्ट मीटर की निगरानी लगातार जारी रखी जाएगी। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के साथ चोरी से जुड़े मामलों में भी वृद्धि देखने को मिली है।















