कोलकाता, 14 अगस्त।
बीरभूम के चर्चित पत्थर कारोबारी टुलु मंडल ने अपने खिलाफ जारी गिरफ्तार वारंट को चुनौती देने के लिए एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां शुरुआती प्रक्रिया के बाद मामला अब एक नई पीठ के पास सुनवाई के लिए पहुंच गया है। इससे पहले इस प्रकरण की सुनवाई कर रहे संबंधित न्यायाधीश ने निजी कारणों या अन्य लंबित मामलों के चलते खुद को इस कार्रवाई से अलग कर लिया था, जिसके बाद कानूनी दांव-पेंच के तहत नए सिरे से गुहार लगाई गई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से देश के जाने-माने वरिष्ठ वकीलों द्वारा अदालत में पैरवी की जा रही है, लेकिन फिलहाल इस मामले पर तत्काल राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं और आगामी सप्ताह तक ही अगली सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि इस प्रमुख व्यापारी के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने के बाद से ही एजेंसियां इसकी तलाश में जुटी हुई हैं और इसके खिलाफ लुकआउट या अन्य सख्त नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
स्थानीय अदालत द्वारा दी गई मोहलत की समय-सीमा समाप्त होने के कगार पर होने के कारण इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, जिससे आरोपी की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की लगातार दबिश के बावजूद मुख्य आरोपी की अनुपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनशील बना दिया है, जिस पर अदालत के आगामी रुख का सभी को इंतजार है।















