चमोली, 14 अगस्त।
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी-मायापुर क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में पानी रिसने और मलबा आने से सात श्रमिकों की मौत हो गई है। हादसे के बाद करीब 22 श्रमिकों के फंसे होने की सूचना मिली थी। इनमें से 19 को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 12 घायल हैं। तीन श्रमिकों की तलाश अभी जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को टनल के भीतर पहुंचे और बचाव अभियान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अभियान में जुटी टीमों से जानकारी ली। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को अब तक की कार्रवाई और मौके पर चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीनों लापता श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का पूरा उपयोग किया जाए। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य दलों के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा।
बचाए गए घायल श्रमिकों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के उपचार और प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह नौ बजे की रिपोर्ट के अनुसार, हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 7:05 बजे मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुआ। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी सुरंग करीब तीन किलोमीटर लंबी है।
प्रशासन के अनुसार, सुरंग के करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में भू-धंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया था। इससे वहां काम कर रहे श्रमिक फंस गए। बेस चिकित्सालय श्रीनगर और एम्स ऋषिकेश को सतर्क रखा गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खोज एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। घायलों और मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
सुबह 9:30 बजे तक राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय पुलिस के 22 जवान, एसडीआरएफ के 25 जवान, एनडीआरएफ के 105 बचावकर्मी, डॉग स्क्वॉड, सेना के 52 जवान, डीजीआरई के 14 बचावकर्मी, जिला प्रशासन, चिकित्सा दल और टीएचडीसी की मशीनरी एवं मानव संसाधन जुटे हुए थे।
घायल श्रमिकों में सुनील दीवान, हारबिल गुड़िया, निस्तार भिंगरा, विनोद रावना, दीना बैगरा, खेला राम बिसरा, सुबेरा सिंह, तिलकराज, पेन सिंह, रोहित पांडे और गोविन्दो मंडाल शामिल हैं। इनमें रोहित पांडे का बेस अस्पताल श्रीनगर में उपचार चल रहा है, जबकि गोविन्दो मंडाल को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
मृतकों में प्रदीप पंवार, मुकेश सिंह, दुर्लभ शर्मा, विजय हंसदा, जितेन्द्र कुमार, लोकेश्वर और भुनेश्वर शामिल हैं। लापता श्रमिकों में लुकास टोपनो, चेतन पोयाम और देवनाथ के नाम हैं।















