सिक्का, 16 अगस्त।
इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद करीब 5000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भूकंप से सड़कें बाधित हुईं और कई जगह भूस्खलन हुआ।
पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में आए भूकंप में 36 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 77 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप के बाद करीब 341 झटके भी दर्ज किए गए।
यह वर्ष 2022 में पश्चिमी जावा में आए भूकंप के बाद देश का सबसे घातक भूकंप बताया गया है। सिक्का क्षेत्र में 3300 से अधिक लोगों ने खुद सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया या खेल परिसर में शरण ली।
कई लोग ढहे हुए मकानों के बाहर तिरपाल से बनाए गए अस्थायी आश्रयों में रात बिताने को मजबूर हुए। माउमेरे बंदरगाह शहर में अस्पताल के बाहर लगाए गए तंबू में भी घायलों का उपचार किया गया।
सिक्का के कई निवासियों ने घरों के अंदर रहने के बजाय बरामदों और तंबुओं में रात गुजारी। भूकंप के दौरान समुद्र का जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई।
क्षेत्र में बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। 3500 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मियों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। बचाव दल भूस्खलन के कारण बंद हुए माउमेरे के कुछ हिस्सों तक पहुंचने में सफल रहे हैं।
लापता लोगों की तत्काल संख्या सामने नहीं आई है। कई लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी है। आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 1300 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण 20 पेट्रोल पंप काम नहीं कर रहे हैं। पूर्वी नुसा तेंगारा सरकार प्रांत में आपात स्थिति घोषित करने पर विचार कर रही है, जिससे संसाधनों और धन को जुटाने में मदद मिल सकेगी।
भूकंप प्रभावित क्षेत्र में वर्ष 1992 में भी 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। उस दौरान बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी।
इंडोनेशिया करीब 29 करोड़ आबादी वाला द्वीपीय देश है और प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।















