धार, 17 अगस्त।
श्रावण मास के पावन सोमवार को मध्य प्रदेश के धार में बाल गोपाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में 512 कांवड़ियों ने हिस्सा लिया। बच्चों की अनुशासित और उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। यात्रा में श्रद्धा और भक्ति के साथ संस्कार, सामाजिक एकता और सेवा का संदेश भी देखने को मिला।
बाल गोपाल कांवड़ यात्रा की शुरुआत नागचंद्रेश्वर मंदिर से हुई। कांवड़िए पवित्र जल लेकर धारेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान ‘‘बोल बम-बम भोले’’ और ‘‘हर हर महादेव’’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। बड़ी संख्या में बाल कांवड़ियों की मौजूदगी और उनका अनुशासन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
आयोजन के जरिए बच्चों में धार्मिक और सांस्कृतिक संस्कारों के साथ सामाजिक एकता और सेवा भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। कांवड़ यात्रियों में यात्रा को लेकर उत्साह रहा और पूरी यात्रा के दौरान बच्चों ने अनुशासन बनाए रखा।
बाल कांवड़ यात्रियों का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजन के दौरान पुरस्कार भी वितरित किए गए। ‘‘बाल हैं गोपाल हैं, हम भारत के लाल हैं’’ के भाव के साथ आयोजित इस यात्रा में बच्चों की सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। 512 कांवड़ियों की एकजुट भागीदारी और बच्चों के उत्साह के कारण बाल गोपाल कांवड़ यात्रा धार की यादगार धार्मिक यात्राओं में शामिल हो गई।















