जयपुर, 17 अगस्त।
राजधानी में साइबर ठगों ने ई-केवाईसी अपडेट और सीनियर सिटीजन कार्ड के फायदे बताने के बहाने दो बुजुर्गों को निशाना बनाया और करीब 30.03 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में आरोपितों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर पीड़ितों का भरोसा जीता और बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद खातों से रकम निकाल ली। जवाहर सर्किल और महेश नगर थाने में मामले दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेशचंद्र के अनुसार, दुर्गापुरा की चन्द्रकला कॉलोनी निवासी 71 वर्षीय गोपा चक्रवर्ती ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। महिला के मोबाइल पर 22 जुलाई को दो अज्ञात नंबरों से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का मैनेजर अभिजीत रॉय बताते हुए कहा कि उनके बैंक खाते की ई-केवाईसी लंबित है।
आरोपित ने ई-केवाईसी पूरी करने के नाम पर महिला से आधार कार्ड, पैन कार्ड और डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी। महिला ने फोन पर जानकारी साझा कर दी। इसके कुछ समय बाद ही उनके बैंक खाते से 6,82,980 रुपये निकल गए। मोबाइल पर लेन-देन के संदेश आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर फोन करने वाले नंबर और रकम जिन खातों में पहुंची, उनका तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया है।
दूसरा मामला महेश नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित सुनील गोयल ने पुलिस को बताया कि 13 अगस्त को उनके पिता जगदीश प्रसाद के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने के फायदे बताए। इसके बाद प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर वाट्सऐप के जरिए एक एपीके फाइल भेजी गई।
बुजुर्ग ने फाइल पर क्लिक किया तो कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से लेन-देन के संदेश आने लगे। खाते से 23,20,200 रुपये निकाल लिए गए। महेश नगर थानाधिकारी मदन कड़वासरा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस दोनों मामलों में आरोपितों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगी करने वालों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।















