इस्लामाबाद, 17 अगस्त।
पाकिस्तान के कब्जे से बलोचिस्तान को आजाद कराने के लिए संघर्षरत सशस्त्र संगठन ने वहां तैनात पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब दिया है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने पिछले आठ दिनों के भीतर सैन्य बलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। संगठन के प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई संघीय सेना द्वारा किए गए अत्याचारों और निर्दोषों के कत्लेआम का बदला लेने के लिए की गई है। इस दौरान विद्रोहियों ने सेना के 26 अधिकारियों और जवानों को मौत के घाट उतार दिया है।
द बलोचिस्तान पोस्ट की खबरों पर गौर करें तो सोराब और पंजगुर में पाकिस्तानी सेना द्वारा बेगुनाह कैदियों और आम नागरिकों के नरसंहार के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इस बर्बरता के विरोध में बलोच विद्रोहियों ने 16 अगस्त की देर शाम तक चले सिलसिलेवार हमलों में पाकिस्तान सेना और उनके द्वारा गठित डेथ स्क्वाड (मौत के दस्ते) को निशाना बनाया। 22 अलग-अलग स्थानों पर हुए इन हमलों में न केवल 26 सैन्यकर्मी मारे गए, बल्कि एक हमलावर को जिंदा पकड़ने में भी सफलता मिली है।
विद्रोहियों ने अपनी रणनीति के तहत कई पुलिस थानों, सुरक्षा चौकियों और महत्वपूर्ण पुलों को विस्फोटकों से उड़ाकर ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त नौ सरकारी वाहनों को भी निशाना बनाया गया। 9 अगस्त से 16 अगस्त के बीच चली इस भीषण मुठभेड़ में संगठन के दो कमांडर भी मारे गए। इस अवधि में विद्रोहियों ने सैन्य ठिकानों से बड़ी संख्या में हथियार भी बरामद किए। 12 अगस्त को चगाई के चेथर थाने को उड़ाने के बाद, उसी रात कलात के रुडिंजो में हुए हमले में 17 सैन्यकर्मी ढेर कर दिए गए। वहीं आज सुबह मस्तंग और खुजदार में सेना द्वारा हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल कर गोलाबारी किए जाने की सूचना है। क्वेटा में भी अफगान सेना के पूर्व कमांडर की गोलीबारी में मौत हुई है और रिहायशी इलाकों में ड्रोन हमले किए गए हैं।















