देवास, 17 अगस्त।
नागपंचमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के देवास जिले में वन विभाग और पर्यावरण मित्रों ने सर्प संरक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान करीब 11 सपेरों के कब्जे से सांपों को मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। जांच में कुछ सांपों के मुंह धागे से सिले मिले, जिससे वे अपना मुंह तक नहीं खोल पा रहे थे।
अभियान के दौरान वन विभाग और पर्यावरण मित्रों की टीम ने सपेरों के पास रखे सांपों को सुरक्षित तरीके से मुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ सर्पों के मुंह धागे से सिले हुए पाए गए। इस अमानवीय स्थिति से बाहर निकालने के बाद सभी सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया।
अभियान के दौरान लोगों को सांपों के प्रति संवेदनशील रहने और उनके संरक्षण के लिए जागरूक किया गया। आमजन को बताया गया कि सांप मांसाहारी जीव हैं और उन्हें दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। नागपंचमी पर सांपों को दूध चढ़ाने या पिलाने की परंपरा से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वन विभाग और पर्यावरण मित्रों ने लोगों से अपील की कि नागपंचमी सहित अन्य अवसरों पर सांपों को पकड़कर बंधक बनाने या उन्हें दूध पिलाने के बजाय उनके संरक्षण और प्राकृतिक आवास को प्राथमिकता दें। सर्पों को लेकर अंधविश्वास से बचते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और उनके संरक्षण में सहयोग करने का भी आह्वान किया गया।















