गुवाहाटी, 17 अगस्त।
असम में नदियों का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है और सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके साथ ही बाढ़ का दायरा अब पांच जिलों तक सीमित रह गया है। इन जिलों के 170 गांवों में अभी भी इसका असर है और प्रभावित लोग अपने घरों तथा खेतों की ओर लौटने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 16 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य की सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। इस वर्ष बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या 105 हो गई है।
बाढ़ से शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। गोलाघाट, शिवसागर, नगांव, धेमाजी और जोरहाट के 14 राजस्व मंडलों के 170 गांव प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में कुल 51,869 नागरिक बाढ़ की चपेट में हैं और 3,628.17 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें अभियान में जुटी हैं। रविवार को सरकार ने 18 मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया।
राहत कार्य के लिए चार नावें लगाई गई हैं। इनके माध्यम से बाढ़ प्रभावित 109 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।
बाढ़ के कारण सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। इनकी मरम्मत और स्थिति की समीक्षा के लिए सरकार लगातार बैठकें कर हालात का जायजा ले रही है।















