भोपाल, 17 अगस्त।
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जिसके चलते बंगाल की खाड़ी से उठे एक मजबूत मौसमी तंत्र के प्रभाव से आगामी दो दिनों तक राज्य के पूर्वी अंचलों में झमाझम बारिश का दौर अनवरत जारी रहने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का सबसे अधिक असर जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभागों पर देखने को मिलेगा, जिसके पश्चात यह सक्रिय चक्रवात पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ रुख करेगा और भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम समेत ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों को भी भिगोएगा।
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के सीधी, मऊगंज और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है, जहां अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक पानी गिरने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है, जबकि राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अन्य तमाम जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में अब तक कुल 544.4 मिलीमीटर यानी लगभग 21.4 इंच वर्षा दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से करीब 12 प्रतिशत कम है, हालांकि कई जिलों में औसत से अधिक पानी भी बरसा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के दोनों हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।















