नई दिल्ली, 17 अगस्त।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार सुबह अपने सामाजिक माध्यम खाते पर सुभाषितम् साझा करते हुए सामूहिक संकल्प और एकता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक सोच और एकजुट प्रयास जरूरी हैं।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही राष्ट्र आगे बढ़ता है। यही भावना भारत की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव तैयार करती है।
उन्होंने इसके साथ ऋग्वेद के मंडल 10, सूक्त 191, मंत्र 4 से लिया गया श्लोक भी साझा किया। श्लोक है- ''समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः। समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥''
साझा किए गए सुभाषितम् के अर्थ में कहा गया है कि सभी लोगों के संकल्प समान होने चाहिए और उनके मन एकता की भावना से जुड़े रहने चाहिए। इससे समाज की उन्नति के लिए परस्पर सहयोग और समान व्यवहार के साथ निरंतर प्रयास किया जा सकता है।















