उज्जैन, 17 अगस्त।
मध्य प्रदेश के धार्मिक नगर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के तृतीय तल पर सुशोभित भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट नागपंचमी के अवसर पर रविवार की मध्यरात्रि ठीक 12 बजे खोल दिए गए। पट के खुलते ही देश के कोने-कोने से पधारे श्रद्धालुओं द्वारा आराध्य के दर्शनों का सिलसिला आरंभ हो गया, जो आगामी सोमवार की मध्यरात्रि 12 बजे तक अनवरत 24 घंटे तक जारी रहेगा।
ज्ञात हो कि महाकाल मंदिर के ऊपरी हिस्से में स्थित इस पवित्र मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार नागपंचमी के पावन पर्व पर ही पूरे चौबीस घंटों के लिए खोले जाते हैं। रविवार की रात कपाट खुलने से ठीक आधे घंटे पूर्व यानी 11:30 बजे पारंपरिक प्रथम पूजन का विधिवत अनुष्ठान शुरू हुआ। मध्यरात्रि में पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने भगवान नागचंद्रेश्वर का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन और अभिषेक संपन्न किया, जिस दौरान प्रशासनिक अमला और प्रबंध समिति के अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रथम आरती के पश्चात दर्शन की व्यवस्था आम भक्तों के लिए खोल दी गई।
साल भर बंद रहने वाले इस अलौकिक मंदिर में दर्शन पाने के लिए उज्जैन में भारी संख्या में भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस बार नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का दुर्लभ संयोग एक ही दिन होने के कारण महाकाल परिसर में भारी जनसैलाब उमड़ने की पूरी संभावना है। परंपरा के अनुसार भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा की जाती है, जिसके तहत पहली पूजा मध्यरात्रि को हुई, दूसरी विशेष पूजा सोमवार दोपहर को अखाड़े द्वारा और तीसरी संध्या आरती के पश्चात मंदिर के पुजारियों द्वारा संपन्न की जाएगी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कर्कराज पार्किंग और हरसिद्धि पाल की तरफ से अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि सभी भक्त सुरक्षित और सुगमता से भगवान के दर्शन कर सकें।















