मंदसौर, 17 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मंदसौर में सावन के तीसरे सोमवार को भगवान पशुपतिनाथ महादेव रजत प्रतिमा के रूप में राजसी पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। पालकी यात्रा में हजारों श्रद्धालु, कांवड़ यात्री और शहरवासी शामिल हुए। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय नजर आया और जगह-जगह धार्मिक संस्थाओं तथा श्रद्धालुओं ने पालकी का स्वागत किया।
राजसी पालकी यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष शयनकालीन आरती युवा पालकी मंडल के तत्वावधान में किया जाता है। दोपहर में पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से शुरू हुई यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी। इसमें बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री और श्रद्धालु शामिल हुए। धार्मिक और सामाजिक संदेशों से जुड़ी कई झांकियां और ट्रॉले भी यात्रा में शामिल रहे।
खाटू श्यामजी, राधा-कृष्ण रास, कमल का फूल, श्री महाकाल-रावण, महाकाल पालकी और अघोरी ग्रुप की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। शाही पालकी में बैंड-बाजे, नासिक ढोल और शहनाई की प्रस्तुतियां भी चलती रहीं। युवतियों के नृत्य और अलग-अलग शहरों से आए कलाकारों के करतबों ने भी यात्रा में उत्साह बढ़ाया। रास्ते में श्रद्धालुओं ने पालकी का स्वागत कर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन किए।
पालकी यात्रा पशुपतिनाथ मंदिर से निकलकर वीर सावरकर पुलिया, धान मंडी, शुक्ला चौक, नयापुरा रोड, गोल चौराहा, बीपीएल चौराहा, गांधी चौराहा, नेहरू बस स्टैंड, भारत माता चौराहा, घंटाघर और मंडी गेट सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। देर शाम पालकी वापस मंदिर परिसर पहुंची।
शिवालयों में उमड़ी भीड़
सावन के तीसरे सोमवार को मंदसौर के विश्वप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ मंगला आरती हुई। इसके बाद दर्शन और पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह 6 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से मंदिर परिसर सहित पूरा शहर शिवभक्ति में डूबा रहा।
मंदसौर के साथ आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और मनोकामना अभिषेक किया। भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद लिया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है। भक्त कतारबद्ध होकर बाहर से ही भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी कैलाश भट्ट ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। भगवान पशुपतिनाथ का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया है। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।















