इन दिनों सत्ताधारी पार्टी के मुखिया और दिल्ली में बैठे बड़े हाईकमान से मध्यप्रदेश के मुखिया और संगठन के मुखिया का मिलना तो संगठनात्मक दृष्टि से ठीक था,
लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष का दिल्ली और भोपाल में सक्रिय होना बहुत से लोगों में बेचैनी बढ़ा रहा है।















