उज्जैन, 17 अगस्त।
विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के शिखर के ऊपरी तल पर सुशोभित भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात से लेकर सुबह 8 बजे तक लगभग 2 लाख श्रद्धालु महाकाल के इस दुर्लभ रूप के दर्शन कर चुके हैं, और सोमवार की रात्रि 12 बजे मंदिर के कपाट पूरे एक वर्ष के लिए फिर से बंद कर दिए जाएंगे।
बीती रात ठीक 12 बजे कपाट खुलने के पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीतगिरी द्वारा पूरी विधि-विधान के साथ भगवान का प्रथम पूजन और अभिषेक संपन्न कराया गया, जिसके तुरंत बाद मंदिर के द्वार आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। उल्लेखनीय है कि नाग पंचमी के पावन पर्व पर साल में केवल एक बार चौबीस घंटों के लिए ही भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट खोले जाते हैं। यह प्राचीन और ऐतिहासिक प्रतिमा ग्यारहवीं शताब्दी की है जिसे नेपाल से लाया गया था और राजा भोज द्वारा स्थापित किया गया था।
आज संयोगवश श्रावण का सोमवार भी है, और इसके साथ ही आज संध्याकाल में बाबा महाकाल की तीसरी भव्य सवारी भी निकाली जाएगी, जिसके कारण संपूर्ण उज्जैन नगरी में शिव भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ा हुआ है।















