भोपाल, 17 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 18 अगस्त को भोपाल के रवींद्र भवन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशव्यापी समरसता संकल्प अभियान और कलश यात्रा का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए पावन कलश रवाना किए जाएंगे।
अभियान का उद्देश्य संत रविदास के जीवन-दर्शन के साथ समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके तहत 18 अगस्त से प्रदेश, जिला और ग्राम स्तर पर सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
हर जिले में निकलेगी कलश रथ यात्रा
अभियान के तहत सभी जिला मुख्यालयों पर 20 अगस्त को कलश वंदन और सम्मान समारोह होंगे। इसके बाद पावन कलश को कलश रथ के जरिए स्थानीय रविदास मंदिरों और ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक निर्धारित मार्ग पर कलश रथ यात्रा निकाली जाएगी।
स्थानीय स्तर पर होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन
अभियान के दौरान जिला, ग्राम और चिन्हित स्थानीय मंदिरों में सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या, समरसता संकल्प सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय संतों, गुरुओं, समाज के प्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
5 अक्टूबर से निकलेगी समरसता यात्रा
श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होगी। डेरा सचखंड, बल्लन (जालंधर) से शुरू होने वाली यह यात्रा मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों से होकर गुजरेगी। प्रमुख पड़ावों पर यात्रा का स्वागत, समरसता संकल्प, समरसता गोष्ठी और समता, सेवा, सामाजिक न्याय तथा बेगमपुरा के आदर्श समाज से जुड़े कार्यक्रम होंगे।
18 से 31 अगस्त तक संत संपर्क कार्यक्रम
प्रदेश में 18 से 31 अगस्त तक संत संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत संतों और गुरुओं को अभियान के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी देकर विभिन्न सामाजिक समरसता कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
अभियान का नोडल और समन्वयकर्ता विभाग अनुसूचित जाति कल्याण विभाग तथा जनजातीय जिलों में जनजातीय कार्य विभाग रहेगा। जिला मुख्यालय और नगरीय क्षेत्रों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और जन अभियान परिषद जनजागरूकता व जनभागीदारी बढ़ाने की गतिविधियां संचालित करेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग की होगी।















