देहरादून, 18 अगस्त।
उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय रहने से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में नरेंद्रनगर में सर्वाधिक 265 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी निशान से ऊपर बह रही है।
राजधानी देहरादून समेत कई इलाकों में सोमवार से बारिश हो रही है। कहीं लगातार तो कहीं रुक-रुककर वर्षा हुई। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बाधित होने के साथ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इन चार जिलों में आकाशीय बिजली के साथ बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी संभावना जताई गई है।
केंद्रीय जल आयोग की दैनिक जलस्तर एवं बाढ़ पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.65 मीटर रहा। यह 339.50 मीटर के चेतावनी निशान से 0.15 मीटर अधिक है।
हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 292.74 मीटर दर्ज हुआ, जो 293 मीटर के चेतावनी निशान से 0.26 मीटर नीचे है। यहां भी जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। भीमगोड़ा बैराज से गंगा में 1,10,994 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
काली नदी का धारचूला में जलस्तर 888.90 मीटर रहा, जो 889 मीटर के चेतावनी निशान के करीब है। जौलजीवी में गौरी नदी 605.30 मीटर और पिथौरागढ़ में सरयू का जलस्तर 450 मीटर दर्ज किया गया।
रुद्रप्रयाग संगम पर अलकनंदा का जलस्तर 621.78 मीटर रहा, जो 624.70 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। श्रीनगर में अलकनंदा का जलस्तर 533.80 मीटर दर्ज हुआ। पिंडर नदी का जलस्तर नन्दकेसरी में 1264.37 और कर्णप्रयाग में 769.54 मीटर रहा।
भागीरथी नदी का जलस्तर उत्तरकाशी में 1120.50 मीटर, कोटेश्वर में 541.50 मीटर और देवप्रयाग में 461.50 मीटर दर्ज किया गया। रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर 624.90 मीटर रहा, जो 625 मीटर के चेतावनी निशान के बेहद करीब है।
बीते 24 घंटे में ऋषिकेश में 223.1 मिलीमीटर, हरिद्वार में 71.8 मिलीमीटर, नन्दकेसरी में 60.6 मिलीमीटर, मरोरा में 50.8 मिलीमीटर और धारचूला क्षेत्र में 41.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बाढ़ पूर्वानुमान के लिए श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को प्रमुख स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। वीरभद्र बैराज, ऋषिकेश से 1,05,591 क्यूसेक और कोसी बैराज, रामनगर से 7,559 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार 204.4 मिलीमीटर से अधिक बारिश अत्यंत भारी, 115.5 से 204.4 मिलीमीटर बहुत भारी और 64.4 से 115.5 मिलीमीटर बारिश भारी श्रेणी में आती है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
17 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 18 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक मैनुअल वर्षामापी के अनुसार काशीपुर में 170 मिलीमीटर, जसूर में 100, कोटद्वार में 89, यमकेश्वर में 75, जौलीग्रांट में 72.4 और देहरादून में 70.6 मिलीमीटर बारिश हुई। मसूरी में 65.5, कीर्तिनगर में 65, पुरोला में 60, सामा में 56 और पौड़ी में 54 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
स्वचालित मौसम केंद्रों के आंकड़ों में यमकेश्वर में 174 मिलीमीटर, कोटद्वार में 141, रामनगर में 131, सहस्रधारा आईटीआई में 120.5, हाथीबड़कला में 119.5 और मालदेवता में 114 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। काशीपुर में 111.5, कालाढूंगी में 83.5, स्यूंसी में 78 और गुलरभोज में 71.5 मिलीमीटर वर्षा हुई।
देहरादून जिले में भारी बारिश के दौरान स्वारना नदी के आसपास फंसे यूपीईएस विश्वविद्यालय के छह छात्रों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाला। छात्र थान गांव के मिसरास पट्टी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए गए थे, तभी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया और वे वहां फंस गए।
सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम दुर्गम रास्ते से करीब छह किलोमीटर पैदल पहुंची और सभी छह छात्रों को सुरक्षित स्थान तक ले आई। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनियों का पालन करने को भी कहा गया है।















