नई दिल्ली, 18 अगस्त।
राजधानी की राऊज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा द्वारा आप नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को लेकर मंगलवार को सुनवाई टाल दी गई है। अदालत के समक्ष पेश हुए प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता द्वारा दस्तावेज सत्यापित करने के लिए मोहलत मांगे जाने पर मजिस्ट्रेट ने अगली तारीख आगामी 25 अगस्त मुकर्रर कर दी है।
मंगलवार को हुई न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सौरभ भारद्वाज के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें याचिका की सभी प्रतियां सही से मिली हैं या नहीं, यह देखने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त का दिन तय कर दिया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गत 8 अगस्त को न्यायालय द्वारा सौरभ भारद्वाज को औपचारिक नोटिस जारी किया गया था। इस मामले के परिवादी परवेश वर्मा ने पूर्व में 4 जुलाई को अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी तथा उनके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेس पहुंचाने के लिए झूठे इल्जाम लगाए गए हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सौरभ भारद्वाज ने यह बेबुनियाद दावा किया था कि परवेश वर्मा ने अपने मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए अपने किसी करीबी साथी को लगभग पांच सौ करोड़ रुपए की भारी-भरकम कीमत वाले एक निजी विद्यालय ट्रस्ट में ट्रस्टी के रूप में नियुक्त करवाया है।
अपनी शिकायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सौरभ भारद्वाज द्वारा 15 और 16 मई को सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट साझा किए गए थे, जिनका एकमात्र उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को धूमिल करना था। याचिका के मुताबिक उन पोस्टों में यह भी कहा गया था कि मंत्री ने उन स्कूल कर्मियों की तरफदारी की है जो पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत आरोपी हैं।
परवेश वर्मा का कहना है कि ये तमाम टिप्पणियां समाज की नजरों में उन्हें गिराने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से की गई थीं। इसके अतिरिक्त इसी प्रकरण को लेकर उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक दीवानी मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है, जिसमें उन्होंने हर्जाने के तौर पर पांच करोड़ रुपए की मांग रखी है।















