कोलकाता, 18 अगस्त।
पश्चिम बंगाल में मानसून की लगातार सक्रियता के चलते आज मंगलवार को भी विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहने के पूरे आसार हैं। अलीपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण बंगाल के अनेक जिलों में मूसलाधार वर्षा हो सकती है, जिसके साथ ही कई स्थानों पर मेघगर्जन, तेज आकाशीय बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम जनजीवन को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के इस दौर में पूरी सतर्कता बरतें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज पूरे दक्षिण बंगाल में मौसम का मिजाज काफी बदला रहेगा। गंगा के मैदानी इलाकों से जुड़े जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ वज्रपात की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में भी मूसलाधार बरसात और तेज गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है।
कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व एवं पश्चिम बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया समेत तमाम जिलों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की पूरी उम्मीद है। कुछ चिन्हित स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान भी लगाया गया है।
विशेष तौर पर दक्षिण बंगाल के तटीय इलाकों और पश्चिमी जिलों में तूफानी हवाओं तथा वज्रपात से निपटने के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इन क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कि तटीय पट्टियों में बढ़कर 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं।
लगातार हो रही इस मूसलाधार बरसात की वजह से पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम तथा अन्य क्षेत्रों के निचले भागों में जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है कि भारी पानी गिरने के कारण जलजमाव हो सकता है और कुछ निचले इलाकों में अस्थायी तौर पर बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं।
दूसरी तरफ, उत्तर बंगाल के उप-हिमालयी जिलों में भी आज वर्षा का यही सिलसिला देखने को मिलेगा। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर के विभिन्न भागों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा तथा लगातार बौछारें पड़ने का अनुमान है।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल व ओडिशा के तटीय समुद्र तथा उत्तरी बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में भी खराब मौसम का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्री लहरों के बीच 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और कई बार इनकी रफ्तार 60 किमी तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।















