इंफाल, 18 अगस्त।
मणिपुर में शांति बहाली अभियान के तहत सुरक्षा बलों को मंगलवार को बड़ी कामयाबी मिली। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन केसीपी (ताइबांगनबा) के 46 कैडरों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने दो अन्य उग्रवादी कैडरों तथा ड्रग्स तस्करी के एक आरोपित को भी गिरफ्तार किया।
इंफाल स्थित प्रथम मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित घर वापसी कार्यक्रम में 46 कैडरों ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के सामने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को 20 हथियार, 216 राउंड गोला-बारूद और तीन विस्फोटक सौंपे। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के पुनर्वास की प्रक्रिया भारत सरकार की वर्ष 2018 की उत्तर-पूर्व राज्यों में उग्रवादियों के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास की संशोधित योजना के तहत की जाएगी।
इधर, इंफाल पश्चिम जिले के इंफाल थाना क्षेत्र के केइशमपट लीमाजाम लीकाई इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान सीडीओ-आईडब्ल्यू की टीम ने केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के सदस्य ख्वाइराकपाम मालेमचाओबा मैतेई (29) उर्फ मैतेई को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा 17 अगस्त को सुरक्षा बलों ने बिष्णुपुर जिले के नामबोल थाना क्षेत्र में नामबोल चिंगमांग क्रॉसिंग के पास से यूएनएलएफ (के) के सक्रिय कैडर सलाम टोम्बा सिंह (22) उर्फ इटोम्बा, टोंडोनबा और एटोम्बा को पकड़ा। उस पर जबरन वसूली में शामिल होने का आरोप है। उसके कब्जे से लाल रंग की होंडा एक्टिवा बरामद की गई।
इसी दिन नारकोटिक्स एंड अफेयर्स ऑफ बॉर्डर थाना पुलिस ने कांगपोकपी जिले के सैतु गम्फाजोल क्षेत्र से मणिकुमार सुनारी को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी कोडीनयुक्त हजारों कफ सिरप की बोतलें जब्त किए जाने से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच के दौरान की गई।















