पश्चिम बर्दवान, 18 अगस्त।
पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और दामोदर घाटी निगम यानी डीवीसी के डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण आसनसोल, बर्नपुर, रेलपार से लेकर हावड़ा ग्रामीण के उदयनारायणपुर और आमता-2 ब्लॉक तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, वहीं नदियों के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने से स्थानीय निवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
आसनसोल और उसके आसपास के क्षेत्रों में बीते सोमवार को हुई अनवरत वर्षा ने हालातों को और ज्यादा बदतर बना दिया। शहर के निचले भागों में पानी भर गया, और रेलपार क्षेत्र के कई घरों में वर्षा का जल घुसने की खबरें सामने आईं। इसके अलावा बर्नपुर समेत अन्य स्थानों पर सड़कों पर हुए जलभराव के चलते यातायात बाधित रहा, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह से 17 अगस्त की शाम तक अलग-अलग समय अंतरालों में 25 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस दौरान आर्द्रता का स्तर 100 प्रतिशत तक जा पहुंचा, जिसने मौसम को और अधिक जटिल बना दिया।
इन तमाम विकट परिस्थितियों को और गंभीर रूप देने वाला मुख्य कारक डीवीसी द्वारा छोड़ा गया विशाल जलप्रवाह रहा है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, 17 अगस्त को मैथन बांध से लगभग 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, और साथ ही दुर्गापुर बैराज से लगभग 1 लाख 15 हजार क्यूसेक पानी निचले इलाकों की ओर बहाया गया। इसके परिणामस्वूप दामोदर नदी का जलस्तर बेहद तेजी से ऊपर उठ गया है, जिससे नदी के किनारे बसे आसपास के इलाकों पर भारी दबाव बन गया है।
डीवीसी प्रबंधन की ओर से यह बताया जाता है कि मैथन और पंचेत जलाशयों से निकलने वाले पानी की लगातार निगरानी की जाती है और जरूरत पड़ने पर बाढ़ की चेतावनी भी जारी कर दी जाती है।
दूसरी तरफ, हावड़ा ग्रामीण के उदयनारायणपुर और आमता-2 ब्लॉक में भी दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर लोगों के मन में डर का वातावरण बना हुआ है। इससे पहले डीवीसी द्वारा लगभग 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद सोमवार को अतिरिक्त 38 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह भारी जलराशि मंगलवार शाम तक उदयनारायणपुर क्षेत्र को पार कर सकती है।
हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का यह स्पष्ट करना है कि फिलहाल हावड़ा ग्रामीण में किसी बड़े खतरे जैसी बात नहीं है। विभाग के अनुसार, दामोदर नदी के तटबंधों को पहले की तुलना में काफी मजबूत किया गया है और नदी की जलधारण क्षमता में भी सुधार लाया गया है। इसके बावजूद, अनवरत बरसात और डैम से लगातार आ रहे पानी के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
उदयनारायणपुर के भवानीपुर क्षेत्र के स्थानीय निवासी तमाल गुच्छैत ने साझा किया कि पिछली बाढ़ घटनाओं के भयानक अनुभव के कारण लोग आज भी आशंकित रहते हैं। उनके अनुसार, थोड़ी सी भी बारिश होने या डैम से पानी छोड़े जाने की खबर मिलते ही जनमानस में भय का माहौल पैदा हो जाता है, क्योंकि पूर्व में कई मर्तबा पूरा क्षेत्र पानी में डूब चुका है।
वर्तमान स्थिति पर नजर रखने के लिए सिंचाई विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें दामोदर नदी के किनारे लगातार गश्त कर रही हैं। बकपोटा, डिहिभुरसुट और अन्य संवेदनशील थानों व इलाकों में विशेष इंजीनियरों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त, निचले तथा नदी के पास बसे गाँवों के रहवासियों को पूरी तरह सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की तरफ प्रस्थान करने की सलाह दी गई है।















