बांकुड़ा, 18 अगस्त।
दक्षिण बंगाल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर मुकुटमणिपुर स्थित कंसावती डैम का गेट इस सीजन में पहली बार खोल दिया गया है। बीती सोमवार शाम से इस जलाशय के तीन फाटकों के जरिए प्रति सेकंड पांच हजार क्यूसेक की गति से पानी की निकासी की जा रही है।
लगातार जारी वर्षा की वजह से इस डैम का जलस्तर सोमवार दोपहर तक करीब 430 फुट के आंकड़े को छू चुका था। इस जलाशय की कुल जलधारण क्षमता लगभग 434 फुट है। जल के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और कंसावती तथा कुमारी नदियों के रास्ते जलाशय में अतिरिक्त पानी आने की संभावना को देखते हुए सिंचाई विभाग ने पहले ही पानी छोड़े जाने का फैसला ले लिया।
सिंचाई विभाग की तरफ से बांकुड़ा के निचले जलग्रहण क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम मेदिनीपुर के जिला प्रशासन को भी मौजूदा स्थिति से आगाह कर दिया गया है। प्रशासन को जलाशय से पानी डिस्चार्ज किए जाने की सूचना देते हुए जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
फिर भी, सिंचाई विभाग की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि फिलहाल जिस सीमित मात्रा में जल छोड़ा जा रहा है, उससे बाढ़ जैसे संकट की कोई आशंका नहीं है। डैम के जलस्तर और इसमें आने वाले पानी के प्रवाह पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
दक्षिण बंगाल में भारी बरसात के पूर्वानुमान के मद्देनजर डैम से नियंत्रित रूप में पानी छोड़ा जाना एक बचावत्मक कदम माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जलाशय के भीतर अत्यधिक जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व इसके जलस्तर को संतुलित बनाए रखना है।
सिंचाई विभाग के अनुसार, मौजूदा हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। हालांकि, आगामी दिनों में बारिश के आंकड़ों और कंसावती तथा कुमारी नदियों के प्रवाह को देखते हुए ही आगे के कदमों के बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।















