आगरमालवा, 18 अगस्त।
मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिले में कलेक्टर डॉ. शेरसिंह मीना ने मंगलवार को शासन द्वारा संधारित सभी शासकीय देवस्थानों की जमीन और अचल संपत्तियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने देवस्थानों की संपत्तियों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के प्रसिद्ध प्राचीन और ऐतिहासिक शिवालय बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर तथा नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी देवी मंदिर की जमीनों का सीमांकन कराने और वहां वायर फेंसिंग करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही देवस्थान प्रबंधन समितियों की आय-व्यय संबंधी जानकारी का नियमित ऑडिट कराने को भी कहा।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 738 शासन संधारित देवस्थान हैं, जिनके लिए 546 पुजारी नियुक्त हैं। इन देवस्थानों की जमीनें राजस्व अभिलेखों में कलेक्टर प्रबंधक के नाम दर्ज हैं। कलेक्टर ने सभी देवस्थानों का डाटा अद्यतन करने के साथ वहां मौजूद मूल्यवान वस्तुओं को कोषालय में सुरक्षित जमा कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बाबा बैजनाथ मंदिर प्रबंधन समिति की संपत्तियों और व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी गई। समिति के पास तीन धर्मशालाएं, तीन दुकानें और 41 हेक्टेयर जमीन है। मंदिर समिति के बैंक खाते में 1.70 करोड़ रुपये जमा हैं। समिति ने 13 कर्मचारियों को नियुक्त किया है। सावन माह के दौरान सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए दो गार्ड तथा दो अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
कलेक्टर ने नलखेड़ा मंदिर प्रबंधन समिति को 18 और सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति को अपने बैरिकेड्स तैयार कराने और लोक निर्माण विभाग के बैरिकेड्स वापस करने के लिए भी कहा। साथ ही देवस्थान प्रभारी को जिला स्तरीय देवस्थान समिति की बैठक अगले माह आयोजित करने के निर्देश दिए गए।















