कोलकाता, 18 अगस्त।
अनवरत वर्षा के बीच आज मंगलवार की भोर में उत्तर कोलकाता के जोड़ाबागान थाना अंतर्गत मालापाड़ा क्षेत्र में लगभग दो सदी पुराने तीन मंजिला मकान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। इस भयंकर दुर्घटना के बाद भवन के भीतर कई लोग फंस गए। पुलिस और राहत दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 20 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन मलबे की चपेट में आने से 60 वर्ष से अधिक उम्र की एक महिला उर्मिला साहू की दर्दनाक मौत हो गई।
यह घटना मंगलवार की सुबह लगभग 5 बजे 31, ब्रजदुलाल स्ट्रीट पर स्थित प्राचीन भवन में पेश आई। बताया जा रहा है कि यह मकान सोमवार की सुबह से ही धीरे-धीरे कमजोर पड़कर चटक रहा था। स्थानीय निवासियाें के अनुसार, हादसे के वक्त उर्मिला साहू मकान के पिछले हिस्से में मौजूद थीं। अचानक ईंटों और मलबे के ढहने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गईं और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।
इमारत का भाग गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का वातावरण बन गया। सूचना मिलते ही जोड़ाबागान थाना पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। बचावकर्मियों ने मलबा हटाकर भीतर फंसे लोगों को निकालने का अभियान आरंभ किया। लगभग 20 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, और यह सुनिश्चित करने के लिए भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया कि मलबे के नीचे कोई अन्य व्यक्ति दबा न हो।
लगातार हो रही बरसात के दौरान इस जर्जर मकान के ढहने से आसपास के रहवासियों में भारी दहशत व्याप्त हो गई है। लोगों का कहना है कि भवन अत्यधिक पुराना था और इसकी हालत पहले से ही काफी दयनीय थी। इस घटना ने कोलकाता में पुराने तथा खतरनाक मकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक मर्तबा फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जोड़ाबागान क्षेत्र में इमारत गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले बीते जून माह में भी इसी इलाके में एक पुराना दो मंजिला मकान आंशिक रूप से ढह गया था। उस वक्त जोड़ाबागान थाना अंतर्गत 24, काशीनाथ दत्त स्ट्रीट स्थित भवन में एक बुजुर्ग महिला समेत चार लोग फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया था।
अब मंगलवार तड़के अनवरत वर्षा के बीच एक बार फिर जोड़ाबागान में प्राचीन मकान का हिस्सा ढह जाने से बड़ा हादसा घटित हो गया है। उर्मिला साहू के निधन के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासन की तरफ से घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है और भवन की स्थिति तथा दुर्घटना के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।















