भोपाल, 18 अगस्त।
रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को शहर के सैकड़ों व्यापारी सड़क पर उतर आए। भोपाल व्यापारी महासंघ के बैनर तले व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया और सड़क पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान चौराहे पर यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन के बीच व्यापारी मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों के अध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
व्यापारियों का कहना था कि शहर के कई रिहायशी इलाकों में वर्षों से कारोबार संचालित हो रहे हैं। अचानक सीलिंग की कार्रवाई से केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी और उन पर निर्भर परिवार भी प्रभावित होंगे। उन्होंने सरकार से भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू करने, मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान करने और गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास के नियमितीकरण की नीति लागू करने की मांग की।
जन-गण-मन गाकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने जन-गण-मन भी गाया। उनका कहना था कि व्यापारी नियमित रूप से सरकार को टैक्स देते हैं और वर्षों से संबंधित क्षेत्रों में कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में अचानक प्रतिष्ठान बंद कराने के बजाय सरकार को व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए।
सड़क पर ब्यूटी पार्लर, मेकअप कर जताया विरोध
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ब्यूटिशियन भी शामिल हुईं। उन्होंने सड़क पर ही मेकअप कर सीलिंग कार्रवाई का विरोध जताया। ब्यूटिशियनों का कहना था कि व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने से ब्यूटी पार्लर समेत छोटे कारोबारों से जुड़े लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से ऐसी नीति बनाने की मांग की, जिससे नियमों का पालन भी हो और रोजगार भी सुरक्षित रहे।
महिलाओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।
'मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन'
थोक बाजार व्यापारी संघ के अभिषेक रब्बू ने कहा कि भोपाल में जल्द मास्टर प्लान लागू किया जाना चाहिए और मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने गुजरात मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में नियमितीकरण की नीति लागू करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो व्यापारी आंदोलन को और तेज करेंगे।
'एक व्यापारी से कई परिवारों को रोजगार'
संत नगर के व्यापारी अशोक उसरा सिंह ने कहा कि संत नगर का रहवासी क्षेत्र अब काफी हद तक व्यावसायिक हो चुका है और व्यापारियों को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी को रोजगार नहीं देती, इसलिए व्यापारी कारोबार कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। एक व्यापारी के प्रतिष्ठान से 25 से 50 परिवारों के लोगों को रोजगार मिलता है। सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारी के साथ उसके कर्मचारियों का रोजगार भी प्रभावित होगा।
त्योहारों से पहले राहत की मांग
10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार हैं। ऐसे समय में सरकार को व्यापारियों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 2022 के गुजरात मॉडल की तर्ज पर नियमितीकरण व्यवस्था लागू करने की मांग की।
चैंबर ने भी किया समर्थन
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि सरकार लाखों लोगों को बेरोजगार नहीं कर सकती। इन कारोबारों से बड़ी संख्या में कर्मचारी और परिवार जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सीलिंग कार्रवाई के बजाय सरकार को ऐसा व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और लोगों का रोजगार भी प्रभावित न हो।















