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मध्य प्रदेश
19 Aug, 2026

शिवपुरी के 28 गांवों में कृषि प्रशिक्षण, 2500 से अधिक किसानों ने सीखी जैविक और जलवायु अनुकूल खेती

शिवपुरी के खनियाधाना क्षेत्र में सृजन संस्था के प्रशिक्षण अभियान से 28 गांवों के 2500 से अधिक किसान जुड़े और जैविक व जलवायु अनुकूल खेती की तकनीकें सीखीं।

शिवपुरी, 19 अगस्त।

शिवपुरी जिले के खनियाधाना विकासखंड के करीब 28 गांवों में सृजन संस्था की ओर से 1 से 19 अगस्त तक कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए। इन कार्यक्रमों में चमरौआ, कमलपुर, जंगीपुर, ओड़ी, कुटावली, रूपनबारा, डबिया कलां, खुरई, राजनगर, सिनावल कलां, बुकारा सहित कई गांवों के 2500 से अधिक किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को खेती की ऐसी तकनीकों से परिचित कराना रहा, जिनसे लागत कम करने के साथ खेती को मौसम के बदलावों के अनुकूल बनाया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत तैयार करने, उसके उपयोग और लाभ की जानकारी दी गई। इसके साथ ही अग्न्यास्त्र और नीमास्त्र जैसे जैविक कीटनाशक बनाने तथा खेतों में उनके इस्तेमाल की व्यावहारिक विधि समझाई गई। कृषि, बागवानी और पशुपालन प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी किसानों को दी गई।

42 नैनो बगीचे तैयार, 2520 पौधे रोपे

प्रशिक्षण अभियान के तहत अब तक 42 नैनो बगीचे तैयार किए जा चुके हैं। इनमें अमरूद और नींबू सहित कुल 2520 पौधे लगाए गए हैं। इन बगीचों का उद्देश्य किसानों को जलवायु अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित करना, उनकी आजीविका को मजबूत करना और क्षेत्र में जैव विविधता को बढ़ावा देना है।

महिला किसानों को घर पर खेती का प्रशिक्षण

सृजन से जुड़ी महिला किसान अपने घरों में भी जलवायु अनुकूल खेती की पद्धतियां अपना रही हैं। महिलाएं अपनी 1 से 1.5 एकड़ भूमि पर घनजीवामृत, जीवामृत और जैविक कीटनाशकों का उपयोग कर खेती कर रही हैं। इसके लिए प्रत्येक गांव में प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए गए हैं, जहां मूंगफली, मूंग और उड़द के बीजों के सहयोग से खेती की जा रही है।

फार्म स्कूल के माध्यम से इन्हीं प्रदर्शन प्लॉट पर महिला किसानों को लगातार व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे प्रेरित होकर महिलाएं जहरमुक्त खेती को अपनाने में रुचि दिखा रही हैं। संस्था के प्रतिनिधि पहले किसानों को घर पर खाद और जैविक दवा तैयार करने की जानकारी देते हैं। इसके बाद प्रदर्शन प्लॉट पर उनके उपयोग की विधि समझाई जाती है और नियमित रूप से किसानों से संपर्क कर खेतों में इनके इस्तेमाल में सहयोग दिया जाता है।

मचान खेती से 35 हजार तक की आय

सृजन की ओर से क्षेत्र में 30 मचान खेती भी स्थापित की गई हैं। इनमें पूरी तरह जैविक सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। एक मचान खेती से एक मौसम में किसानों को 27 हजार से 35 हजार रुपये तक की आय मिल रही है। इससे परिवार की सब्जियों की जरूरत भी पूरी हो रही है।

जैविक खेती अपनाने से किसानों की लागत में भी कमी आई है। किसानों के अनुसार उन्हें प्रति एकड़ करीब 1900 से 2000 रुपये तक की बचत हो रही है।

चमरौआ में निकाली तिरंगा रैली

अभियान के दौरान ग्राम चमरौआ में हर घर तिरंगा रैली का आयोजन भी किया गया। इसमें किसानों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव और एकता का संदेश दिया गया।

ग्राम सभा में किसानों की भागीदारी बढ़ी

प्रशिक्षण के दौरान किसानों की समस्याओं और जरूरतों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इन समस्याओं को 15 और 17 अगस्त को हुई ग्राम सभाओं में सरपंच और सचिव के सामने रखने के लिए सूचीबद्ध किया गया। सृजन के प्रतिनिधियों ने गांव-गांव में नेतृत्वकारी किसानों के माध्यम से ग्रामीणों की ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कराई।

इस पहल के जरिए महिला किसानों को भी अपनी समस्याएं और मांगें ग्राम सभा में खुलकर रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे गांव की समस्याओं और आवश्यकताओं को सीधे ग्राम स्तर के मंच तक पहुंचाने का अवसर मिला।

किसानों ने बताया, खेती की लागत हुई कम

सृजन के प्रयासों से लाभान्वित किसानों ने बताया कि वे अब जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियां अपना रहे हैं। किसानों के अनुसार इन तरीकों से उनकी खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है और उन्हें आर्थिक राहत मिली है। किसानों ने कहा कि नई पद्धतियों के इस्तेमाल से उनकी खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल रही है।

खरीफ सीजन तक चलेगा अभियान

सृजन शिवपुरी का यह प्रशिक्षण अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। संस्था के अनुसार पूरे खरीफ सीजन में किसानों के लिए प्रशिक्षण जारी रहेगा। अभियान के तहत खनियाधाना विकासखंड सहित शिवपुरी जिले में 10 हजार से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को जलवायु अनुकूल और जैविक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण देकर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

टीम ने निभाई अहम भूमिका

प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन टीम लीडर लक्ष्मण जेठानी के मार्गदर्शन में किया गया। प्रोजेक्ट मैनेजर ममता कुमारी के नेतृत्व में अभियान को आगे बढ़ाया गया। प्रोजेक्ट एक्जीक्यूटिव वेदांश मिश्रा ने किसानों के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर प्रशिक्षण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके साथ प्रोजेक्ट एक्जीक्यूटिव वेंकटेश, पूजा थोंडर, रामगोपाल, केवलराम और मोहित यादव ने अलग-अलग गांवों में समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। सामुदायिक स्वयंसेवकों राकेश, नीलेश, बालकिशन, कपिल, हरगोविंद, आकाश और अर्जुन ने भी गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षण से जोड़ने में सहयोग दिया।

अभियान के माध्यम से सृजन का उद्देश्य किसानों की क्षमता को मजबूत करना, टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देना, जलवायु अनुकूल कृषि को प्रोत्साहित करना और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना है। संस्था का लक्ष्य क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर और सक्षम कृषक समुदाय तैयार करना है।

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आज का राशिफल

व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

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