गुवाहाटी, 19 अगस्त।
असम में बाढ़ की विभीषिका के चलते पांच जिलों के 14 राजस्व मंडलों के अंतर्गत आने वाले 115 गांवों के कुल 23,876 नागरिक गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। यह आपदा अपने पीछे कभी न भूलने वाले गहरे जख्म छोड़ गई है। ऊपरी असम के चार प्रमुख जिलों के इन पीड़ित लोगों ने भारी जन-धन की क्षति उठाने के बावजूद अब नए सिरे से अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
वर्तमान समय में राज्य की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। गत रात्रि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में आहूत कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में भी इन प्रभावितों के वास्ते आवश्यक राहत कदम उठाए जाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
बाढ़ से जुड़ी यह ताजा सूचना असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से 18 अगस्त को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के माध्यम से सामने आई है। इस आपदा में अब तक कुल 106 लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ की मार से सबसे अधिक तबाही शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट तथा गोलाघाट जिलों में देखने को मिली है। इस वक्त भी लगभग 3,206 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी के जलमग्न दायरे में डूबी हुई है। इसके अलावा मंगलवार के रोज बाढ़ से पीड़ित जानवरों की कुल तादाद 14,645 दर्ज की गई है।
संकट की इस घड़ी में राहत एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीमें पूरी तरह मुस्तैद होकर जुटी हुई हैं। राज्य सरकार द्वारा कुल 10 चिकित्सा टीमों को भी मैदान में तैनात किया गया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण बड़े पैमाने पर सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।















