नई दिल्ली, 19 अगस्त।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू और बंबीहा गैंग से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी हरमनजीत सिंह और लुधियाना निवासी हर्षदीप सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। दोनों दिल्ली के छावला और पंजाब के लुधियाना में हुई फायरिंग की दो घटनाओं में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, दोनों कनाडा में बैठे गैंगस्टर देवेंद्र सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया के निर्देश पर काम कर रहे थे।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बवाना-कंझावला रोड स्थित बजीतपुर क्रॉसिंग बस स्टॉप के पास दोनों को पकड़ा। उनके पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे 14 अगस्त को बस से दिल्ली पहुंचे थे और द्वारका मोड़ के पास एक होटल में ठहरे। पुलिस के अनुसार, उन्हें मोबाइल पर एक व्यक्ति की तस्वीर भेजकर उसे निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था। 15 अगस्त को उन्होंने पूर्वी दिल्ली की एक जगह से दो हथियार और 19 कारतूस लिए थे। इसके बदले उन्हें मोटी रकम देने का वादा किया गया था।
16 अगस्त को दोनों बताए गए व्यक्ति के इलाके में पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने उसे अंडे की दुकान पर देखा। व्यक्ति दुकान से निकलकर घर की ओर भागा तो दोनों उसके पीछे घर में घुस गए। घर के अंदर महिलाओं और बच्चों को देखकर उन्होंने गोली नहीं चलाई और वहां से निकल गए। इस दौरान घर पर फायरिंग हुई, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। मामले में छावला थाने में मुकदमा दर्ज है।
छावला की घटना के बाद दोनों 17 अगस्त को लुधियाना के पिज्जा फ्रॉम मेक्सिको इलाके में पहुंचे। पुलिस के अनुसार, वहां हर्षदीप ने हवा में दो गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। इस घटना को लेकर लुधियाना के सराभा नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों 18 और 19 अगस्त को गोपी लाहोरिया के निर्देश पर दोबारा दिल्ली आए थे और अधूरे टारगेट को पूरा करने की तैयारी में थे। 19 अगस्त को नजफगढ़ की ओर जाते समय क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों को शुरुआत में करीब 30 हजार रुपये दिए गए थे और वारदात के बाद बड़ी रकम देने का कथित वादा किया गया था।
जांच में सामने आया कि फायरिंग का टारगेट उमेद सिंह, वर्ष 2024 में मारे गए बल्लू पहलवान के भाई हैं। पुलिस के अनुसार, बल्लू पहलवान की हत्या में कपिल सांगवान उर्फ नंदू की भूमिका होने का आरोप है। शुरुआती जांच में मौजूदा फायरिंग को नंदू और बल्लू पहलवान के परिवार के बीच पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, हर्षदीप सिंह के खिलाफ पंजाब में हत्या, जेल में मोबाइल रखने, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। वह जून 2026 में लुधियाना जेल से बाहर आया था। हरमनजीत सिंह के खिलाफ चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं और वह जुलाई 2026 में जेल से रिहा हुआ था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर गैंग नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले की जांच जारी है।















