एम्सटेलवीन, 19 अगस्त।
भारत ने हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी के आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान को रोमांचक अंदाज में 5-3 से हराकर दूसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार हैं। इंग्लैंड ने लगातार तीन जीत के साथ पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं पाकिस्तान और वेल्स वर्गीकरण चरण में पहुंच गए।
भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और बाएं छोर से लगातार हमले किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने दो-दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने भी एक गोल दागा। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने दो और सुफियान खान ने एक गोल किया, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव के अहम पलों में संयम बनाए रखा।
भारत को पांचवें मिनट में लगातार दबाव बनाने का फायदा मिला। पाकिस्तान के घेरे के पास अभिषेक के रिवर्स प्रयास से गेंद के खतरनाक तरीके से टकराने पर भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत का पहला ड्रैग-फ्लिक रशर के पैर से टकराया, जिसके बाद दोबारा पेनल्टी कॉर्नर मिला। भारतीय कप्तान ने इस बार गोलकीपर अली रजा की बाईं ओर तेज फ्लिक मारकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
भारत ने हमले जारी रखे। छठे मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन हरमनप्रीत के कम ऊंचाई वाले प्रयास को अली रजा ने रोक दिया। आदित्य ने भी दाएं छोर से शानदार व्यक्तिगत प्रयास किया, हालांकि उनका अंतिम पास घेरे के भीतर भारतीय खिलाड़ी तक नहीं पहुंच सका।
11वें मिनट में भारत ने बढ़त दोगुनी कर दी। हरमनप्रीत के हवाई पास को अभिषेक ने हासिल किया और घेरे में पहुंचकर बिना देखे पास देने का प्रयास किया। गेंद पाकिस्तान के रक्षकों से टकराकर गोलकीपर को चकमा दे गई और भारत ने 2-0 की बढ़त बना ली। इसके दो मिनट बाद मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर पाकिस्तान की रक्षा पंक्ति ने हरमनप्रीत के प्रयास को रोक दिया।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी बढ़त और मजबूत की। 21वें मिनट में हार्दिक के लंबे पास को शिलानंद ने संभाला, लेकिन पाकिस्तान के एक खिलाड़ी द्वारा रोके जाने पर भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत ने अलग रणनीति अपनाते हुए राजिंदर को मौका दिया। उनका प्रयास बचा लिया गया, लेकिन रिबाउंड हरमनप्रीत के पास आया और उन्होंने दाईं ओर जगह बनाकर गोल दागते हुए भारत को 3-0 से आगे कर दिया।
पाकिस्तान ने तुरंत जवाब दिया। मिडफील्ड में विवेक सागर प्रसाद से गेंद छूटने के बाद पाकिस्तान ने हमला बोला। भारतीय गोलकीपर ने मोइन शकील के प्रयास को रोक दिया, लेकिन लंबे कॉर्नर से मिली ढीली गेंद पर हन्नान शाहिद ने तेजी दिखाते हुए 22वें मिनट में गोल कर दिया।
भारत ने दो मिनट बाद फिर तीन गोल की बढ़त बना ली। जुगराज सिंह के तेज प्रयास को अभिषेक ने घेरे के शीर्ष पर शानदार तरीके से संभाला और बाएं छोर से आगे बढ़ते हुए मुश्किल कोण से गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया। पाकिस्तान ने उसी मिनट पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और सुफियान खान ने सटीक फ्लिक से गेंद को भारतीय गोलकीपर से पार कराकर अंतर 4-2 कर दिया।
इसके बाद पाकिस्तान ने आक्रामक खेल दिखाया और मिडफील्ड की कुछ कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश की। भारत के सुमित ने पेनल्टी कॉर्नर से पैदा हुए खतरे को अहम समय पर रोकते हुए अपनी टीम को राहत दी। दूसरे क्वार्टर में कुल चार गोल हुए और दोनों टीमों ने दो-दो बार गेंद को गोल में पहुंचाया।
35वें मिनट में भारत ने फिर तीन गोल की बढ़त हासिल कर ली। घेरे के भीतर आदित्य को धक्का दिए जाने पर अंपायर ने पेनल्टी स्ट्रोक दिया। हार्दिक सिंह ने जिम्मेदारी संभाली और गोल कर स्कोर 5-2 कर दिया।
पाकिस्तान ने वापसी के लिए लगातार मौके तलाशे, लेकिन भारतीय रक्षा ने उसके हमलों को काफी हद तक रोककर रखा। दूसरी ओर भारत के सुखजीत को गोलकीपर के सामने आमने-सामने का मौका मिला, लेकिन वह गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके और गेंद बेसलाइन के बाहर चली गई।
46वें मिनट में भारत की मिडफील्ड में हुई गलती का पाकिस्तान ने फायदा उठाया। हन्नान शाहिद ने मौके का लाभ उठाते हुए अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 5-3 कर दिया। अंतिम क्वार्टर में पाकिस्तान ने अतिरिक्त खिलाड़ी आगे भेजकर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने नियंत्रण बनाए रखा।
58वें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला। उसने अलग रणनीति से इसे खेलने की कोशिश की, लेकिन पास को हमलावर खिलाड़ी ठीक से समझ नहीं सका और मौका हाथ से निकल गया। भारत ने अंतिम क्षणों में संयम बनाए रखते हुए 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारत पूल डी में दूसरे स्थान पर रहा और सेमीफाइनल की दौड़ में बना हुआ है। इंग्लैंड पूल विजेता के रूप में आगे बढ़ा, जबकि पाकिस्तान और वेल्स को वर्गीकरण चरण में खेलना होगा।















