पिथौरागढ़, 19 अगस्त।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का नौवां जत्था आज बुधवार के रोज तिब्बत से वापस भारत की सीमा में प्रवेश करने जा रहा है। इस दल में कुल 48 सदस्य सम्मिलित हैं। इसके साथ ही यात्रा का दसवां जत्था अभी तिब्बत क्षेत्र में ही मौजूद है, जिसके आगामी 23 अगस्त को भारत लौटने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
यात्रा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के मुताबिक नौवां जत्था अपने तयशुदा कार्यक्रम के तहत तिब्बत से भारत की ओर वापसी कर रहा है। भारत सीमा में आगमन के पश्चात यात्रियों के आगे के आवागमन और ठहरने को लेकर तमाम पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सीमावर्ती इलाकों में यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इसी क्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा का दसवां जत्था अभी तिब्बत में ही ठहरा हुआ है। इस दल के आगामी 23 अगस्त के रोज भारत में प्रवेश करने की उम्मीद है। दसवें जत्थे में कुल 44 सदस्य शामिल हैं। इस यात्रा दल के साथ कुमाऊं मंडल विकास निगम यानी केएमवीएन के तीन रसोईिये भी सेवा दे रहे हैं, जो यात्रियों के भोजन और अन्य प्रबंधों में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के इन दोनों जत्थों के स्वदेश लौटने के साथ ही यात्रा के इस चरण के यात्रियों की वापसी का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। यात्रा के पूरे मार्ग में यात्रियों की सुविधाओं, खान-पान और अन्य जरूरी प्रबंधों को संभालने में केएमवीएन की भूमिका बेहद अहम रही है।
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नौवें जत्थे के आज भारत में प्रवेश करने और दसवें जत्थे के आगामी 23 अगस्त को लौटने के साथ ही यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत यात्रियों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सीमावर्ती क्षेत्र के मौसम और सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है।















