भोपाल, 19 अगस्त।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में प्रस्तावित केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में सत्याग्रह कर रहे आदिवासियों को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की लड़ाई में वह उनके साथ हैं और इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे।
छतरपुर में परियोजना के खिलाफ चल रहे आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता अमित भटनागर बुधवार को आंदोलनकारी आदिवासियों के साथ नई दिल्ली में राहुल गांधी से मिले। इस दौरान उन्होंने परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों, विस्थापन, पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े विषयों की जानकारी कांग्रेस नेता को दी।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो साझा कर आंदोलनकारियों के संघर्ष के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि अपने जायज अधिकारों के लिए लड़ रहे बुंदेलखंड के लोगों को सम्मान और समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आदिवासी परिवारों की इस लड़ाई में वह और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं।
राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि पुनर्वास, भूमि अधिकार और जबरन बेदखली के खिलाफ उनकी आवाज संसद में प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद जमीन पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। उनका कहना था कि गरिमापूर्ण पुनर्वास, वैकल्पिक आजीविका और वन अधिकार अधिनियम 2006 के पारदर्शी पालन के बिना किसी परिवार को बेघर नहीं किया जाना चाहिए।
आंदोलनकारियों ने बताया कि केन-बेतवा परियोजना से पन्ना और छतरपुर जिलों के बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार, परियोजना के कारण आदिवासी समुदाय के सामने विस्थापन और आजीविका की समस्याएं खड़ी हो रही हैं। प्रभावित परिवारों ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी राहुल गांधी के सामने रखे। आंदोलनकारियों का दावा है कि कई परिवारों को भूमि के बदले भूमि और कानून के तहत मिलने वाले पुनर्वास अधिकार पर्याप्त रूप से नहीं मिले हैं।
उन्होंने परियोजना के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा भी उठाया। आंदोलनकारियों के मुताबिक परियोजना से बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित हो सकता है और पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने ग्राम सभा की सहमति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। साथ ही आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस कार्रवाई और अन्य दबावों का सामना करना पड़ा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर बुंदेलखंड में प्रभावित परिवारों और आंदोलनकारियों का विरोध लंबे समय से जारी है। अमित भटनागर समेत अन्य कार्यकर्ता विस्थापन, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को लेकर अलग-अलग चरणों में सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि उनके मुद्दों को राजनीतिक और सार्वजनिक मंच पर और मजबूती से उठाया जाएगा।















