एक जिले में जनविश्वास अभियान के दौरान प्रभारी के रूप में पहुंचे आला अधिकारी ने जिले में दौरे के दौरान बहुत बड़ी-बड़ी बातें कीं और जिला कलेक्टर की लापरवाही को आड़े हाथों लेते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई।
युवा कलेक्टर अभी जिले में पहुंचे हैं, उन्हें बहुत कुछ जानकारी नहीं थी। जब उन्होंने अपने पूर्ववर्ती जिलाधीश को वरिष्ठ अधिकारी की करतूतें बताईं तो उन्होंने कहा, "काश हम न हुए होते उस समय, नहीं तो वहीं सब हिसाब-किताब कर देते, फिर आवाज ही बंद हो जाती।"















