सना/रियाद, 18 अगस्त।
यमन के हूती बागी गुट ने सऊदी अरब के दक्षिणी तट पर स्थित जिजान में अरामको की प्रमुख तेल रिफाइनरी को मानवरहित विमान यानी ड्रोन से निशाना बनाए जाने का दावा किया है। विद्रोही मीडिया के मुताबिक यह कार्रवाई सादा और हज्जाह क्षेत्रों में कथित तौर पर हवाई सीमाओं के उल्लंघन की जवाबी कार्रवाई के रूप में अंजाम दी गई है।
बागी पक्ष की सबा समाचार एजेंसी ने सैन्य सूत्रों के हवाले से पुष्टि की कि संगठन की तरफ से कई ड्रोन भेजकर जिजान स्थित अरामको प्रतिष्ठान पर धावा बोला गया। हालांकि, इस आक्रामक कार्रवाई से किसी प्रकार की हानि या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
यह ताजा हमला ऐसे संवेदनशील दौर में हुआ है जब हूतियों ने सऊदी अरब के विरुद्ध अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ाने के साथ ही समुद्री घेराबंदी का ऐलान किया है। सऊदी अरब लंबे वक्त से यमन की आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त सरकार की तरफदारी करता आया है और पूर्व में हूती ठिकानों के खिलाफ बड़ी सैन्य लड़ाइयां भी लड़ चुका है।
इन बागियों द्वारा हालिया दिनों में सऊदी जलपोतों और यमन के सरकारी सैनिकों को भी निरंतर निशाना बनाया गया है। यह गुट इससे पहले भी सऊदी अरब की तेल संपदा और हवाई अड्डों पर कई बार बड़े हमले कर चुका है।
संयुक्त राष्ट्र ने इस पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने इन हमलों की खबरों पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं यमन को एक बड़े प्रांतीय संघर्ष के मुहाने पर ला सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय निकाय ने आगाह किया है कि इस क्षेत्र में पहले से सुलग रहे तनाव के बीच इस तरह के उपद्रव से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा स्रोतों की आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित हो सकती है।
खास बात यह है कि पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने ईरान के एक विमान के सना हवाई अड्डे पर उतरने का गर्मजोशी से स्वागत किया था। इसके बाद से ही इस खेत्र में एक-दूसरे पर सैन्य वार-पलटवार का सिलसिला काफी तेज हो गया है।















