नई दिल्ली, 19 अगस्त।
भारत को प्रमुख विदेशी पर्यटन बाजारों में बनाए रखने के लिए मलेशिया ने यहां पर्यटन प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में टूरिज्म मलेशिया ने 12 से 20 अगस्त तक चेन्नई, मुंबई और नई दिल्ली में सेल्स मिशन सीरीज के दूसरे चरण का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय यात्रा उद्योग के साथ साझेदारी को मजबूत करना और मलेशिया को भारतीय यात्रियों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में बनाए रखना है।
इस अभियान में मलेशिया के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 47 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें यात्रा संचालक, होटल कारोबारी और विमानन क्षेत्र के साझेदार शामिल रहे। बाटिक एयर के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व टूरिज्म मलेशिया के महानिदेशक मोहम्मद अमीरुल रिजाल अब्दुल रहीम ने किया।
मोहम्मद अमीरुल रिजाल ने कहा कि भारत मलेशिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ने वाले पर्यटन बाजारों में शामिल है। उन्होंने कहा कि वैश्विक यात्रा परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद भारतीय बाजार में मलेशिया की मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए लक्षित और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रचार गतिविधियां जारी रहेंगी।
टूरिज्म मलेशिया भारतीय यात्रियों को कुआलालंपुर और जेंटिंग हाईलैंड्स के अलावा सरवाक, लैंगकावी, पेनांग, जोहोर और साबाह जैसे दूसरे गंतव्यों की ओर भी आकर्षित कर रहा है। इन स्थानों पर प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच, समुद्र तट और द्वीप पर्यटन के साथ सांस्कृतिक विरासत, खान-पान, खरीदारी, पारिवारिक मनोरंजन, व्यावसायिक आयोजन और गंतव्य विवाह जैसे अनुभव उपलब्ध हैं।
भारत और मलेशिया के बीच मजबूत हवाई संपर्क भी पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। दोनों देशों के बीच हर सप्ताह 190 से अधिक सीधी उड़ानें संचालित होती हैं। इनमें 37 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध रहती हैं, जिससे भारतीय यात्रियों के लिए मलेशिया पहुंचना आसान हुआ है।
महानिदेशक ने बताया कि दिसंबर 2023 में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा शुरू होने के बाद मलेशिया आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
वर्ष 2025 में मलेशिया पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 15 लाख से अधिक रही। इसके साथ भारत मलेशिया के शीर्ष पांच अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजारों में शामिल हो गया। इस सूची में सिंगापुर, थाईलैंड, इंडोनेशिया और चीन भी शामिल हैं।
‘विजिट मलेशिया 2026’ अभियान को वर्ष 2027 तक बढ़ाए जाने के बाद टूरिज्म मलेशिया भारत में अपने प्रचार प्रयासों को और गति देगा। इसका लक्ष्य मौजूदा पर्यटन रफ्तार को कायम रखना, मलेशिया की पर्यटन पहचान को मजबूत करना और आने वाले वर्षों में भारतीय पर्यटकों की मांग को बनाए रखना है।















