भोपाल, 19 अगस्त।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की पहल पर मंगलवार को निशातपुरा इलाके के अंतर्गत लगभग बीस करोड़ रुपये की कीमती निजी जमीन से अवैध अतिक्रमण को हटाने की एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सिविल कोर्ट और कलेक्टर भोपाल के निर्देशों के अनुपालन में राजस्व अमले द्वारा आज अमल में लाई गई इस त्वरित कार्रवाई के चलते पिछले पैंतीस वर्षों से हक की लड़ाई लड़ रही पैंसठ वर्षीया बुजुर्ग महिला उपासना जौहरी को आखिरकार न्याय मिल गया है। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने उपखंड अधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदार बैरागढ़ को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर एक्शन लेने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पैंसठ साल की उपासना जौहरी के हक में वर्ष 1992 के दौरान सिविल कोर्ट द्वारा 78 डेसिमल जमीन के संबंध में फैसला सुनाया गया था। परंतु काफी लंबे अर्से से इस जमीन पर कई लोगों द्वारा अवैध कब्जा जमाकर बड़े-बड़े मकान और दुकानें तान ली गई थीं, जिसके कारण वह बुजुर्ग महिला अपनी ही संपत्ति से वंचित चल रही थीं।
कलेक्टर मिश्रा के कड़े निर्देशों के पश्चात प्रशासनिक टीम ने ग्राम निशातपुरा पहुंचकर यह अभियान चलाया। इस दौरान तकरीबन बीस करोड़ रुपये मूल्य की 37 डेसिमल जमीन को अवैध कब्जे से पूरी तरह आजाद करा लिया गया। इस कार्रवाई के तहत मौके पर गैर-कानूनी तरीके से खड़े किए गए 23 मकानों और 25 दुकानों को नेस्तनाबूद कर जमीन को मुक्त कराया गया।















