मध्यप्रदेश के एक संभागीय मुख्यालय पर बड़े साहब बहुत ही संवेदनशील और आम जनता के लिए सदैव तत्पर रहने के कारण उनके क्षेत्र में पदस्थ कुछ माननीयों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पिछले दिनों बड़े साहब के व्यवहार से परेशान एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने साहब को दो टूक कहा कि आप अपने वरिष्ठ अधिकारी से कुछ व्यवहारिकता सीख लीजिए, कैसे जनता से संवाद किया जाता है। साहब की परेशानी यही है कि बड़े साहब की संवेदनशीलता और व्यवहार अब जिले के मुखिया को खटकने लगा है।















