भोपाल, 20 अगस्त।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) कार्यालय में गुरुवार को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान हंगामा हो गया। प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं के आयुक्त कार्यालय तक पहुंचने के बाद डीपीआई कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई और धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। घटना के बाद कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के कार्यालय तक पहुंच गए थे। वहां कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते स्थिति धक्कामुक्की तक पहुंच गई। हालात बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए दो जोन के डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यालय परिसर में स्थिति को संभाला गया और माहौल को नियंत्रित किया गया।
कर्मचारी संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया। संगठनों की ओर से जारी पत्र में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान आयुक्त के कक्ष में प्रवेश कर अभद्रता, अशिष्ट व्यवहार और हिंसा का प्रयास किया गया। संगठनों के अनुसार घटना से अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भय का माहौल बना है।
कर्मचारी संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए लोक सेवकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
21 अगस्त से साविनय कार्य अवज्ञा आंदोलन
कर्मचारी संगठनों ने मांगों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर 21 अगस्त से साविनय कार्य अवज्ञा आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संगठनों ने स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाले लोक सेवकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
घटना के बाद प्राथमिक शिक्षक भर्ती का मुद्दा और डीपीआई कर्मचारियों की सुरक्षा का विषय अलग-अलग केंद्र में आ गया है। कर्मचारी संगठनों के आंदोलन की घोषणा के बाद शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल डीपीआई परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।















