नई दिल्ली, 20 अगस्त।
नागालैंड के उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने वोखा जिले के जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में नागालैंड सहित पूर्वोत्तर के विकास और कनेक्टिविटी से जुड़े कई मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल संपर्क के साथ बुनियादी ढांचे, आजीविका तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे विषय भी चर्चा में रहे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वोत्तर में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। उनके अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत बुनियादी ढांचे ने क्षेत्र को देश की आर्थिक विकास यात्रा से और मजबूती से जोड़ा है।
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 में नौ थी, जो 2026 में बढ़कर 17 हो गई है। उड़ान योजना के तहत करीब 90 क्षेत्रीय हवाई मार्ग भी संचालित किए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग के साथ डिजिटल संपर्क के विस्तार से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है।
बैठक में वोखा-मेरापानी मार्ग को गोलाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने, वोखा-बोकाजान सड़क के उन्नयन तथा वोखा में जिला कार्यालय परिसर, बाजार, स्टेडियम और संपर्क मार्गों के विकास की मांग भी रखी गई।
वोखा जिले में मानव-हाथी संघर्ष का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। प्रतिनिधियों ने फसलों और संपत्ति को हो रहे नुकसान के साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आजीविका को लेकर विशेष पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि बेहतर संपर्क के जरिए रोजगार, आजीविका और आर्थिक अवसरों का विस्तार करना भी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और पूर्वोत्तर राज्यों के निरंतर सहयोग से यह क्षेत्र विकसित भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।















