नई दिल्ली, 20 अगस्त।
राजस्थान फाउंडेशन (दिल्ली चैप्टर) के अध्यक्ष सीए (डॉ.) रामावतार किला ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति प्रवासी राजस्थानियों को एकजुट रखने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और सामाजिक सरोकारों से जोड़े रखने का प्रभावी माध्यम है।
डॉ. रामावतार किला ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में राजस्थान फाउंडेशन (दिल्ली चैप्टर) और राजस्थानी मित्र मंडल की ओर से आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव के समापन अवसर पर यह बात कही।
समारोह के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों को अपनी समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिला।
प्रतिभागियों और कलाकारों को सम्मानित करते हुए डॉ. रामावतार किला ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति अमूल्य धरोहर और पहचान है। ऐसे आयोजन प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी तक राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राजस्थानी समाज के बीच आपसी संपर्क, सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने पर जोर दिया।
मुख्य आवासीय आयुक्त रोहित कुमार (आईएएस) ने भी समाज से आपसी संपर्क और सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह अपनी अनूठी विरासत को आगे बढ़ाया जा सकता है।
समारोह के पहले दिन तीज और लोकप्रिय राजस्थानी गीतों पर एकल और युगल प्रस्तुतियां हुईं। सुशीला किला और अनिता किला की भावपूर्ण गायन प्रस्तुति ने माहौल को जीवंत कर दिया और दर्शकों में उत्साह भर दिया।
दूसरे दिन गायक तेजस धाकड़ की प्रभावशाली प्रस्तुति और सुशीला किला के एकल गायन को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद मुद्रा स्टूडियो के नन्हे बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर पूरे सभागार की खूब तालियां बटोरीं।
दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन राजस्थान सरकार के मुख्य आवासीय आयुक्त रोहित कुमार (आईएएस), राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष गौरव गुप्ता, राजस्थान संस्था संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. नरेडा, विमल खंडेलवाल, प्रवासी राज अग्रवाल और सीए विनोद किला मौजूद रहे।
दूसरे दिन राजस्थान संस्था संघ के अध्यक्ष नवरतन अग्रवाल (बीकानेरवाला), एसीपी देवेंद्र सैनी, अनमोल अग्रवाल, हरमीत लाल सिंह, अभिषेक जैन, श्याम सुंदर अग्रवाल और अनुज अग्रवाल ने कार्यक्रम में भाग लिया।














