गुवाहाटी, 20 अगस्त।
असम में आई विनाशकारी बाढ़ का पानी अब उतरने लगा है, जिससे जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, आपदा के थमने के बाद भी प्रभावित लोगों के सामने घरों से गाद साफ करने, टूटे मकानों को दुरुस्त करने और तबाह हो चुके खेतों को फिर से उपजाऊ बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी है।
राज्य की तमाम नदियां अब खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं, और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। इसके बावजूद शिवसागर, नगांव, गोलाघाट और जोरहाट समेत चार जिलों के कई गांव अभी भी इस प्राकृतिक आपदा के दुष्परिणाम झेल रहे हैं।
प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत शिविरों में अब बहुत कम लोग बचे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें भेजकर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सर्वे का काम पूरा होने के बाद सभी पीड़ित परिवारों को हरसंभव मुआवजे और सहायता की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।















