कोलकाता, 20 अगस्त।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निजी बैंक खाते को फ्रीज किए जाने के मामले में संबंधित बैंक को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल उठाया कि जब डिजिटल रूप से केवाईसी की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है, तो इसके लिए ग्राहक को व्यक्तिगत रूप से बैंक बुलाए जाने की क्या आवश्यकता थी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि उनके मुवक्किल का बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के ब्लॉक कर दिए गए हैं, जबकि उनकी केवाईसी की वैध तिथि अभी बाकी है। इस पर न्यायमूर्ति ने बैंक की ओर से भेजी गई पत्राचार की भाषा पर भी गहरी आपत्ति जताई और बैंक से इस पूरी कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
बैंक के वकीलों ने कुछ आंतरिक समस्याओं और एजेंसी की जांच का हवाला देने का प्रयास किया, जिस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। उच्च न्यायालय ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि बैंक बार-बार अपने तर्क और बयान न बदले तथा जल्द से जल्द इस समस्या का उचित समाधान सुनिश्चित करे।















